इस प्रतिनिधिमंडल में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी , राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल होंगे। बीएलओ सुपरवाइजर को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले चुनाव अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इटली भेजा जाएगा। यह जानकारी 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दी। उन्होंने बताया कि देश के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से एसआईआर में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को चुना जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल विदेश में भारतीय चुनाव प्रणाली, उसमें हुए सुधारों और अनुभवों को साझा करेगा, साथ ही वहां की चुनावी प्रक्रियाओं का अध्ययन भी करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी , राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल होंगे। बीएलओ सुपरवाइजर को भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान एसआईआर में उल्लेखनीय कार्य करने वाले छह जिला निर्वाचन अधिकारियों को सम्मानित करने की घोषणा की गई। इनमें एटा से प्रेमरंजन सिंह, बाराबंकी से शशांक त्रिपाठी, औरैया से इन्द्रमणि त्रिपाठी, शामली से अरविंद सिंह चौहान, महोबा से गजल भारद्वाज और फतेहपुर से रविंद्र सिंह शामिल हैं। जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित न होने के कारण उनके प्रतिनिधियों ने सम्मान ग्रहण किया। इसके अतिरिक्त, 75 बीएलओ, 75 बीएलओ सुपरवाइजर और 18 ईआरओ को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके 15 नए मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र प्रदान किए गए, जबकि पांच महिला मतदाताओं को विशेष सम्मान दिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम मेरा भारत, मेरा वोट रखी गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में पात्र नागरिक, विशेषकर महिलाएं और 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग के युवा, मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। इन्हें जोड़ने के लिए 11 और 18 जनवरी को विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें सात लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि 31 जनवरी को एक बार फिर विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। प्रदेश में कुल 3.5 करोड़ नए मतदाताओं को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 1.77 लाख मतदान केंद्र हैं और प्रत्येक बूथ पर प्रतिदिन कम से कम पांच फॉर्म-6 भरने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों से भी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहयोग करने पुष्टि की अपील की गई है।