उत्तर प्रदेश के बजट को विपक्ष ने बताया चुनावी जुमला

उत्तर प्रदेश बजट 2026 पर सियासत तेज। मुख्यमंत्री योगी ने बताया ऐतिहासिक, सपा-कांग्रेस-बसपा ने उठाए सवाल। जानिए किस नेता ने क्या कहा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर क्या असर पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश बजट 2026 पर सियासत गरम
उत्तर प्रदेश बजट 2026 पर सियासत गरम
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar11 Feb 2026 04:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश बजट 2026 पेश होते ही प्रदेश की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “विकास, रोजगार और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” का ब्लूप्रिंट बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा ने इसे “चुनावी साल का बजट” करार देते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े प्रावधानों के दावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

योगी सरकार का दावा: ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बड़ा कदम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026 को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को समर्पित बजट है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का दावा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाला निर्णायक दस्तावेज है। रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी गई है।

सपा का हमला: बेरोजगारी और महंगाई पर चुप क्यों?

समाजवादी पार्टी ने बजट को “जनता को भ्रमित करने वाला दस्तावेज” बताया। सपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार की ठोस योजना नहीं दिखाई देती। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की आय, युवाओं की नौकरी और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार ने केवल आंकड़ों की बाजीगरी की है।

कांग्रेस का सवाल: कर्ज बढ़ेगा या विकास?

कांग्रेस नेताओं ने बजट को “चुनावी प्रलोभन” बताते हुए कहा कि सरकार को राजकोषीय घाटे और बढ़ते कर्ज पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में वास्तविक बढ़ोतरी नहीं की गई, बल्कि केवल घोषणाएं की गई हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अधिक पारदर्शिता की जरूरत थी।

बसपा की प्रतिक्रिया: जमीनी हकीकत अलग है

बहुजन समाज पार्टी ने बजट को “दिखावटी विकास” करार दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि गरीब, दलित और कमजोर वर्गों के लिए ठोस योजनाओं की कमी दिखाई देती है। बसपा ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दों को भी बजट चर्चा से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर खास नजर

बजट 2026 में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के विकास को लेकर किए गए दावों पर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सत्ताधारी दल का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और औद्योगिक निवेश से लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं विपक्ष का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण, किसानों के मुआवजे और स्थानीय युवाओं की नौकरी पर स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया है।

क्यों अहम है यह बजट?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश का बजट 2026 आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार विकास और निवेश की छवि मजबूत करना चाहती है, जबकि विपक्ष जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि बजट की घोषणाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और जनता को वास्तविक राहत मिलती है या नहीं। UP News

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उत्तर प्रदेश का यह खास नगर है रामायण तथा महाभारत का गवाह

उत्तर प्रदेश के इस खास नगर में आज भी बलुआ पत्थर से बनाई गई रामायणकाल तथा महाभारत काल की मूर्तियां मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश का यह खास नगर भारत की सांस्कृतिक विरासत को अपने अस्तित्व के साथ समेटे हुए है।

उत्तर प्रदेश में मौजूद आस्था की अमूल्य धरोहर
उत्तर प्रदेश में मौजूद आस्था की अमूल्य धरोहर
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar11 Feb 2026 03:58 PM
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UP News : अनेक बार चर्चा होती है कि रामायण तथा महाभारत असली कहानी है अथवा काल्पनिक कहानी है। उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक नगर ऐसा भी है जो रामायण काल तथा महाभारत काल का जीता-जागता गवाह है। उत्तर प्रदेश के इस खास नगर में आज भी बलुआ पत्थर से बनाई गई रामायणकाल तथा महाभारत काल की मूर्तियां मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश का यह खास नगर भारत की सांस्कृतिक विरासत को अपने अस्तित्व के साथ समेटे हुए है।

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में मौजूद है ऐतिहासिक नगर

यहां हम उत्तर प्रदेश के जिस नगर की चर्चा कर रहे हैं वह नगर उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थापित है। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिला मुख्यालय से 33 किलोमीटर दूर देवगढ़ नगर में लगभग वर्ष 470 में बुंदेली मूर्तिकारों द्वारा स्थानीय लाल बलुआ पत्थर पर उकेरी गई भगवान विष्णु के दशावतारों की प्रतिमाएं अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान चर्चा में आई थीं। इन दोनों के बीच वास्तुकला और भारतीय संस्कृति के निरंतर प्रवाह का गहरा संबंध बताया गया। लेकिन देवगढ़ मंदिर जहां पंचायतन शैली का सबसे पुराना उदाहरण है। वहीं अयोध्या का मंदिर आधुनिक नागर शैली का सबसे बड़ा प्रतीक है। विडंबना यह है कि दशावतार मंदिर के गर्भगृह में किसी देवता की मूर्ति प्रतिष्ठापित नहीं है। इतिहासकारों के अनुसार अयोध्या व देवगढ़, दोनों का अस्तित्व वैदिक काल से है। देवगढ़ वेत्रवती यानी बेतवा नदी के तट पर, तो अयोध्या सरयू के तट पर बसा है।

भारतीय सभ्यता के स्वर्णकाल की पहचान मौजूद है उत्तर प्रदेश के इस नगर में

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित देवगढ़ नगर में दशावतार मंदिर भारतीय सभ्यता, कला और स्थापत्य के स्वर्णिमकाल की निशानी है। इस पर शोध करने वाले नेहरू कॉलेज ललितपुर के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश शास्त्री बताते हैं कि गुप्तकाल में देवगढ़ यानी देवताओं की मूर्ति गढऩे के केंद्र के रूप में पूरे भारत में मशहूर था। यहां की मूर्तियों में भारतीय दर्शन के धार्मिक चिह्न हाथी, शंख, कमल, पुष्प, चक्र, वनमाला आदि का भी समावेश किया गया है। उनका दावा है कि देवगढ़ में पर्वत के ऊपर की समतल भूमि पर अनेक मंदिर बने हुए हैं। मुगल शासकों द्वारा बहुत सारे मंदिर ध्वस्त किए गए, जिनके भग्नावशेष अब भी दिखाई देते हैं, जिनमें एक वाराह मंदिर भी है। महाकवि कालिदास के मेघदूतम में भी देवगढ़ का उल्लेख है। आचार्य आदिनाथ, प्रो विल्सन, डॉ. फ्लीट समेत कई विद्वानों ने भी अपनी पुस्तकों में इसका उल्लेख किया है।

इतिहासकार भी श्रेष्ठ मानते हैं उत्तर प्रदेश के इस नगर को

उत्तर प्रदेश के इस नगर देवगढ़ को इतिहासकार दशावतार मंदिर को इसलिए भी श्रेष्ठ मानते हैं, क्योंकि यहां रामायण व महाभारतकालीन देव प्रतिमाओं का अनूठा संगम है। विष्णु शेषनाग के सहस्रफणों की छाया में लेटे हुए हैं। लक्ष्मी जी उनके पैर दबा रही हैं। द्रौपदी व पांच पांडव एक साथ दर्शाए गए हैं, वहीं गजेंद्र की करुण पुकार पर गरुड़ की पीठ पर सवार होकर गजराज की रक्षा के लिए भगवान विष्णु का आना दिव्यतम भाव है। दूसरे फलक में बदरिकाश्रम का दृश्य अंकित है। वैसे तो दशावतार मंदिर लंबे समय से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है, लेकिन समय और मौसम की मार के अलावा शासन की उपेक्षा ने भी इसे नुकसान पहुंचाया है। बताया जाता है कि वर्ष 1989 में इस मंदिर से नृसिंह की मूर्ति चोरी हो गई थी, जिसकी कीमत तब ढाई करोड़ रु. आंकी गई थी। बाद में खंडित अवस्था में वह मूर्ति बरामद की गई और उसे देवगढ़ के संग्रहालय में रखा गया है। यदि पत्थरों में बसती इस विरासत को अयोध्या की तरह विकसित किया जाए, तो यह बुंदेलखंड का प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बन सकता है। UP News

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उत्तर प्रदेश बजट 2026: विकास, रोजगार और सामाजिक संतुलन की नई इबारत

यह बजट उस समय आया है, जब प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ निवेश, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नई पहचान बना रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार का यह बजट विकास + कल्याण + रोजगार के संतुलन को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश बजट 2026 में हर वर्ग के लिए प्राथमिकताएं
उत्तर प्रदेश बजट 2026 में हर वर्ग के लिए प्राथमिकताएं
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar11 Feb 2026 03:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश का वर्ष 2026 का बजट केवल आय–व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज बनकर सामने आता है। यह बजट उस समय आया है, जब प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ निवेश, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में नई पहचान बना रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार का यह बजट विकास + कल्याण + रोजगार के संतुलन को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस: एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक

उत्तर प्रदेश बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए विशेष जोर दिया गया है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग, फ्लाईओवर और शहरी परिवहन परियोजनाएं सरकार की प्राथमिक सूची में नजर आती हैं। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से सड़क परियोजनाओं को रफ्तार देने का संकेत बजट में मिलता है। एयरपोर्ट विकास और हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर भी सरकार की मंशा साफ दिखाई देती है, जिससे छोटे शहरों को बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ा जा सके।

औद्योगिक निवेश और रोजगार: युवाओं पर खास नजर

बजट 2026 में औद्योगिक विकास को रोजगार सृजन से जोड़कर देखा गया है। सरकार का फोकस डिफेंस कॉरिडोर, आईटी पार्क, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक हब और एमएसएमई सेक्टर पर रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरी केंद्रों के साथ-साथ छोटे जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की रणनीति झलकती है। स्टार्टअप्स, युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं को मजबूती देने के संकेत बजट में दिखाई देते हैं, जिससे प्रदेश के युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: अन्नदाता को मजबूती

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को बजट 2026 में विशेष तवज्जो दी गई है। सिंचाई परियोजनाओं, नहरों के आधुनिकीकरण, ग्रामीण सड़कों और मंडी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार की सोच स्पष्ट दिखाई देती है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बजट को एक ग्रामीण पुनरुत्थान योजना के रूप में भी देखा जा रहा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य: मानव संसाधन में निवेश

बजट 2026 में शिक्षा और स्वास्थ्य को केवल खर्च नहीं, बल्कि निवेश के रूप में पेश किया गया है। सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की नीति बजट में झलकती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आधुनिक इलाज सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिखाई देता है। इसका उद्देश्य आम नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शहरी विकास और आवास: स्मार्ट सिटी से स्मार्ट जीवन

तेजी से शहरीकरण कर रहे उत्तर प्रदेश में बजट 2026 शहरी विकास की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया नजर आता है। नगर निकायों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पेयजल, सीवरेज और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है।आवास योजनाओं और शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर सरकार बेहतर जीवन स्तर का लक्ष्य साधने की कोशिश करती दिखती है।

सामाजिक कल्याण योजनाएं: हर वर्ग को साधने की कोशिश

उत्तर प्रदेश बजट 2026 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी प्राथमिकता मिलती दिखाई देती है। महिला सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति, पेंशन योजनाएं और कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम सरकार की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

निष्कर्ष: 2026 का बजट, 2030 की तैयारी

उत्तर प्रदेश का बजट 2026 केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, कृषि, शिक्षा और सामाजिक संतुलन इन सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश इस बजट की सबसे बड़ी खासियत है। अब असली परीक्षा बजट के क्रियान्वयन की होगी, क्योंकि योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अगर घोषणाएं ज़मीन पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के विकास मॉडल का बड़ा उदाहरण बन सकता है। UP News

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