उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। गाजीपुर में 13 वर्षीय बच्ची और अमेठी में कश्यप समाज के युवक की हत्या के मामलों का जिक्र करते हुए राजभर ने सपा की पीडीए राजनीति पर हमला बोला। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वह पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की बात करते हैं, लेकिन कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों पर उनकी आवाज नहीं सुनाई देती। उन्होंने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को लेकर तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि सपा को इन घटनाओं पर जवाब देना चाहिए। UP News
ओमप्रकाश राजभर ने गाजीपुर में राजभर समाज की बच्ची और अमेठी में कश्यप समाज के युवक की हत्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़े और अति पिछड़े समाज से जुड़े मामलों पर सपा की चुप्पी सवाल खड़े करती है। राजभर ने कहा कि अगर कोई दल पीडीए की राजनीति करता है तो उसे समाज के हर वर्ग के पीड़ितों के लिए समान रूप से आवाज उठानी चाहिए। UP News
सुभासपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के वंशज होने का दावा नहीं कर सकते। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ‘कंसवंशी’ शब्द का इस्तेमाल किया। हालांकि, यह टिप्पणी राजभर के राजनीतिक हमले के तौर पर सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में सपा को मिली सफलता के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में अहंकार बढ़ गया है और पीडीए के नाम पर राजनीति की जा रही है। UP News
राजभर ने सपा की पीडीए रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछड़े और वंचित समाजों के मुद्दों को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने अपने बयान के जरिए पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की। UP News
विज्ञापन