
गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शरीक हुए चेतना मंच(Chetnamanch) के संपादक आरपी रघुवंशी(R.P. Raghuvanshi) ने अपने ओजपूर्ण संबोधन में व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे देश की प्रशासनिक मशीनरी में भयानक भ्रष्टाचार (Corruption)व्याप्त है। हमारी असली समस्या संसाधनों का अभाव नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या है। श्री रघुवंशी ने आंकड़े देते हुए बताया कि देश का आजादी से लेकर आज तक यानि 75 वर्षों में हमारे ग्रामीण विकास पर हमारी सरकारों ने 26 सौ खरब 15 अरब रुपये खर्च किए हैं। इस राशि को यदि प्रत्येक गांवों में बांटकर कैलकुलेट(Calculate) करके देखने पर देखते हैं तो प्रत्येक गांव के हिस्से में 35 अरब 93 करोड़ रुपये आते हैं। श्री रघुवंशी ने कहा कि कोई मूर्ख भी अंदाजा लगा सकता है कि जिस गांव में 35 अरब रुपये खर्च हो गए होंगे, उसकी सड़कें संगमरमर के पत्थर की होनी चाहिए थी। पांच सितारा व सात सितारा स्तर के स्कूल, कॉलेज एवं अस्पताल होने चाहिए थे। देश का प्रत्येक गांव दुनिया के किसी भी सुंदर शहर जैसा चमकता हुआ नजर आना चाहिए था, किन्तु हुआ तो इसके ठीक विपरीत ही है। ना तो गांवों में ढंग की सड़कें हैं। स्कूलों के नाम पर छोटे-छोटे खंडहर हैं। अस्पताल की बात कौन कहे, प्राथमिक उपचार केन्द्र या तो हैं ही नहीं और यदि हैं भी तो खुद ही बीमार हैं। इसका सीधा साधा सा अर्थ यह हुआ कि विकास के लिए पैसा या तो कागजों पर दिखाई दिया या फिर सफेदपोश बिचौलियों, ठेकेदारों, इंजीनियरों, सरकारी अफसरों, थोड़ा बहुत गांवों के चंद दलालों तक पहुंचा और विदेशी बैंकों में जाकर जमा हो गया। आएदिन हजारों लाखों करोड़ के सामने आने वाले भ्रष्टाचार तो इस महा भ्रष्टाचार की झलक मात्र हैं। देश की मूल समस्या यही है। यह सारा धन जो विकास के लिए कागजों पर दर्शाया गया वास्तव में खर्च हो गया होता तो निश्चित ही हमारे स्वतंत्रता के अमर सपूतों के सपनों का भारत बनता हुआ हम देख सकते थे।
इस गोष्ठी व विमोचन समारोह के आयोजक देश के जाने माने पत्रकार सर्वेश सिंह(Journalist Sarvesh Singh) थे। श्री सिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। गोष्ठी में विमोचित हुई ग्राम भारती पत्रिका के राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस विशेषांक के संपादकीय में सर्वेश सिंह ने पंचायती राज व्यवस्था को बड़े ही सलीके से रेखांकित किया है। ‘स्वशासन की अवधारणा का पर्व’ शीर्षक से लिखे गए उनके संपादकीय की खूब सराहना हो रही है। इस गोष्ठी में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा, संघ के पूर्व सह विभाग संघचालक रामबाबू भटनागर, विद्यालय के प्रबंधक विनोद सक्सेना, ब्लॉक प्रमुख मनीष सिंह, बीडीसी मोहम्मद आरिफ, ब्रजपाल सिंह यादव, कार्तिकेय उपाध्याय, विमल, ग्राम भारती के संपादक सर्वेश कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी का संचालन बाबा संजीव आकांक्षी ने किया।View this post on Instagram