सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को बड़ी राहत, एमपी-एमएलए कोर्ट ने किया बरी
समाजवादी पार्टी के आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। बदायूं स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई एक दिन पहले पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

UP News : समाजवादी पार्टी के आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। बदायूं स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई एक दिन पहले पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। फैसले के दौरान धर्मेंद्र यादव खुद अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया।
2022 विधानसभा चुनाव से जुड़ा था मामला
यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है, जब चुनाव आचार संहिता लागू थी। तत्कालीन एसडीएम सुखलाल प्रसाद वर्मा ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बुलाकर वोट प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था।
28 अन्य लोगों के साथ दाखिल हुई थी चार्जशीट
इस केस में सांसद के साथ कुल 28 अन्य लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। धर्मेंद्र यादव को गौरतलब है कि जून 2024 में भी इस मामले में राहत मिल चुकी थी। अब कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उन्हें पूरी तरह से बरी कर दिया गया है। इस निर्णय से न केवल धर्मेंद्र यादव को कानूनी राहत मिली है, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी यह उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहा यह मामला समाप्त हो गया है। अब यह निर्णय आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है।
UP News : समाजवादी पार्टी के आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ी राहत मिली है। बदायूं स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई एक दिन पहले पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। फैसले के दौरान धर्मेंद्र यादव खुद अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया।
2022 विधानसभा चुनाव से जुड़ा था मामला
यह मामला वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का है, जब चुनाव आचार संहिता लागू थी। तत्कालीन एसडीएम सुखलाल प्रसाद वर्मा ने केस दर्ज कराया था। आरोप था कि बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बुलाकर वोट प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था।
28 अन्य लोगों के साथ दाखिल हुई थी चार्जशीट
इस केस में सांसद के साथ कुल 28 अन्य लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। धर्मेंद्र यादव को गौरतलब है कि जून 2024 में भी इस मामले में राहत मिल चुकी थी। अब कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उन्हें पूरी तरह से बरी कर दिया गया है। इस निर्णय से न केवल धर्मेंद्र यादव को कानूनी राहत मिली है, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी यह उनके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमपी-एमएलए कोर्ट के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहा यह मामला समाप्त हो गया है। अब यह निर्णय आने वाले समय में राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर डाल सकता है।












