कृष्ण जन्मभूमि में लठामार होली आज, उमड़ेगा भक्तों का जनसैलाब
इसके बाद श्रद्धालुओं को पुष्प होली के दर्शन कराए जाएंगे फिर ब्रज के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार लठामार होली के साथ-साथ भावपूर्ण नृत्य-प्रस्तुति भी पेश करेंगे, जिससे जन्मभूमि परिसर में ब्रज का सांस्कृतिक रंग और गहरा हो जाएगा।

UP News : ब्रज में होली का उत्साह अब अपने शिखर पर है और उत्तर प्रदेश के मथुरा में आज रंगभरनी एकादशी के अवसर पर भक्ति, परंपरा और लोक-संस्कृति का बेहद खास नजारा देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में जहां लठामार होली की रंगीन छटा और ब्रज-रसिया की गूंज माहौल को उल्लास से भर देगी, वहीं ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में कुंज की होली के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को आस्था के रंग में सराबोर कर देंगे।
कृष्ण जन्मभूमि में शाम 4 बजे से लठामार होली
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के मुताबिक, शुक्रवार (27 फरवरी) शाम 4 बजे कृष्ण जन्मभूमि पर लठामार होली का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में पहले ब्रज की पारंपरिक होली-रसिया गायन और नृत्य होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को पुष्प होली के दर्शन कराए जाएंगे फिर ब्रज के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार लठामार होली के साथ-साथ भावपूर्ण नृत्य-प्रस्तुति भी पेश करेंगे, जिससे जन्मभूमि परिसर में ब्रज का सांस्कृतिक रंग और गहरा हो जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों को प्रमुखता दी गई है। श्रद्धालुओं पर रंग और गुलाल की वर्षा के लिए स्वचालित यंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आयोजन व्यवस्थित रहे और लोगों को पारंपरिक होली का आनंद एक साथ मिल सके। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर की मर्यादा का विशेष ध्यान रखें। जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मर्यादा के विपरीत आचरण (जैसे जूते-चप्पल उछालना या अव्यवस्था फैलाना) करने वालों पर पुलिस-प्रशासन के सहयोग से सख्त कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, प्रतिबंधित सामान, साथ ही बाहर से पानी की बोतल और रंग-गुलाल लेकर न आएं। यह निर्णय सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है।
द्वारकाधीश मंदिर में आज ‘कुंज एकादशी’ का विशेष आयोजन
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रमुख मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में आज कुंज एकादशी के मौके पर विशेष आयोजन होगा। परंपरा के अनुसार राजाधिराज कुंज में विराजमान होकर भक्तों के संग होली खेलेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे से 11 बजे तक ठाकुर जी के कुंज-होली दर्शन का समय तय है। इस दौरान भक्तों पर टेसू के रंग की होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन कर इस अनूठी परंपरा का लाभ लें।
यमुना पूजन के बाद शुरू होगा रंग और राग का उत्सव
ब्रज की होली के बीच क्षेत्र के नजदीकी गांव मरहला मुक्खा में भी फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर पारंपरिक होली महोत्सव आयोजित होगा। यहां नगाड़े (बम्ब), ढप, ढोल और मृदंग की तान पर हुरियारे-हुरियारिनें नृत्य करेंगे और सामूहिक गायन होगा। परंपरा के मुताबिक ग्रामीण तड़के यमुना मैया की पूजा-अर्चना के बाद एकादशी का पर्व मनाते हैं, फिर मेले में शामिल होते हैं। मेले में बरौठ, देदना, मकदमपुर, पालखेड़ा, सुहागपुर, सलाखा, पारसौली, बाजना, मानागढ़ी, तिलकागढ़ी, मुसमुना, भैरई, इनायतगढ़, दौलतपुर, छिनपारई सहित कई गांवों के लोग पहुंचते हैं। यहां लोग अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं। आयोजन के मुताबिक यह महोत्सव 28 फरवरी से 1 मार्च सुबह 9 बजे तक चलेगा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक जिकड़ी भजन प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कलाकार भाग लेंगे। प्रतियोगिता को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। UP News
UP News : ब्रज में होली का उत्साह अब अपने शिखर पर है और उत्तर प्रदेश के मथुरा में आज रंगभरनी एकादशी के अवसर पर भक्ति, परंपरा और लोक-संस्कृति का बेहद खास नजारा देखने को मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में जहां लठामार होली की रंगीन छटा और ब्रज-रसिया की गूंज माहौल को उल्लास से भर देगी, वहीं ठाकुर द्वारकाधीश मंदिर में कुंज की होली के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को आस्था के रंग में सराबोर कर देंगे।
कृष्ण जन्मभूमि में शाम 4 बजे से लठामार होली
श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा संस्थान के मुताबिक, शुक्रवार (27 फरवरी) शाम 4 बजे कृष्ण जन्मभूमि पर लठामार होली का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में पहले ब्रज की पारंपरिक होली-रसिया गायन और नृत्य होगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को पुष्प होली के दर्शन कराए जाएंगे फिर ब्रज के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार लठामार होली के साथ-साथ भावपूर्ण नृत्य-प्रस्तुति भी पेश करेंगे, जिससे जन्मभूमि परिसर में ब्रज का सांस्कृतिक रंग और गहरा हो जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंगों को प्रमुखता दी गई है। श्रद्धालुओं पर रंग और गुलाल की वर्षा के लिए स्वचालित यंत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आयोजन व्यवस्थित रहे और लोगों को पारंपरिक होली का आनंद एक साथ मिल सके। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर की मर्यादा का विशेष ध्यान रखें। जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मर्यादा के विपरीत आचरण (जैसे जूते-चप्पल उछालना या अव्यवस्था फैलाना) करने वालों पर पुलिस-प्रशासन के सहयोग से सख्त कार्रवाई होगी। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, प्रतिबंधित सामान, साथ ही बाहर से पानी की बोतल और रंग-गुलाल लेकर न आएं। यह निर्णय सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है।
द्वारकाधीश मंदिर में आज ‘कुंज एकादशी’ का विशेष आयोजन
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित पुष्टिमार्ग संप्रदाय के प्रमुख मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में आज कुंज एकादशी के मौके पर विशेष आयोजन होगा। परंपरा के अनुसार राजाधिराज कुंज में विराजमान होकर भक्तों के संग होली खेलेंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे से 11 बजे तक ठाकुर जी के कुंज-होली दर्शन का समय तय है। इस दौरान भक्तों पर टेसू के रंग की होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे दर्शन कर इस अनूठी परंपरा का लाभ लें।
यमुना पूजन के बाद शुरू होगा रंग और राग का उत्सव
ब्रज की होली के बीच क्षेत्र के नजदीकी गांव मरहला मुक्खा में भी फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर पारंपरिक होली महोत्सव आयोजित होगा। यहां नगाड़े (बम्ब), ढप, ढोल और मृदंग की तान पर हुरियारे-हुरियारिनें नृत्य करेंगे और सामूहिक गायन होगा। परंपरा के मुताबिक ग्रामीण तड़के यमुना मैया की पूजा-अर्चना के बाद एकादशी का पर्व मनाते हैं, फिर मेले में शामिल होते हैं। मेले में बरौठ, देदना, मकदमपुर, पालखेड़ा, सुहागपुर, सलाखा, पारसौली, बाजना, मानागढ़ी, तिलकागढ़ी, मुसमुना, भैरई, इनायतगढ़, दौलतपुर, छिनपारई सहित कई गांवों के लोग पहुंचते हैं। यहां लोग अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं। आयोजन के मुताबिक यह महोत्सव 28 फरवरी से 1 मार्च सुबह 9 बजे तक चलेगा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक जिकड़ी भजन प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कलाकार भाग लेंगे। प्रतियोगिता को सुनने और देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। UP News












