जिसका परिवार पद्मश्री से नवाजा गया, उसका डेढ़ साल से नहीं बन सका दिव्यांगता प्रमाणपत्र

वेदमती जन्म से ही दिव्यांग हैं और बौद्धिक दिव्यांगता की श्रेणी में आती हैं। इसके चलते वे कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित हैं। हैरानी की बात यह है कि उनके पिता श्रीभास सुपकार ही नहीं, बल्कि उनके दादा जदुनाथ सुपकार भी पद्मश्री सम्मान से सम्मानित रह चुके हैं, इसके बावजूद मामला लटका हुआ है।

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दिव्यांगता प्रमाणपत्र

locationउत्तर प्रदेश
userRP Raghuvanshi
calendar04 Feb 2026 06:36 PM
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