आखिर धार्मिक आयोजन की कमेटी से जुड़ा पैसों का विवाद तीन परिवारों के लिए इतनी बड़ी त्रासदी कैसे बन गया ? जानिए पीलीभीत के अमरिया में हुई इस वारदात की पूरी कहानी, मृतकों की पहचान, पुलिस की कार्रवाई और जांच से जुड़े अहम सवाल।

UP News : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने रामलीला मेले की कमेटी से जुड़े विवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमरिया कस्बे में रामलीला मेले के पुराने हिसाब-किताब और पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। मृतकों में 15 वर्षीय किशोर भी शामिल है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रामलीला कमेटी की बैठक के दौरान पुराने हिसाब को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और गोलीबारी शुरू हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटनास्थल से लाइसेंसी राइफल, एक अवैध हथियार और डंडे बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। UP News
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमरिया कस्बे में आगामी रामलीला मेले की तैयारियों, पिछले आयोजन के आय-व्यय का हिसाब और नई कमेटी के गठन को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इसी दौरान पुराने खर्चों का हिसाब मांगने पर विवाद बढ़ गया। बताया जा रहा है कि कौशल गुप्ता पक्ष और दूसरे पक्ष के बीच पहले से भी तनातनी थी। बैठक में कहासुनी के बाद मामला हिंसा तक पहुंच गया। आरोप है कि एक पक्ष की ओर से राइफल से गोलियां चलाई गईं। इस गोलीबारी में चार लोग घायल हुए, जिनमें से तीन की मौत हो गई। UP News
मृतकों की पहचान अंकित गुप्ता, उनके सगे भाई मोहित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 14 और 15 वर्ष का उल्लेख है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अंकित और कुणाल को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल मोहित को बेहतर उपचार के लिए बरेली ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में या अस्पताल पहुंचने के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि कमेटी के आर्थिक हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति में बदल गया। गोलीबारी में चौथे व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम रोज गुप्ता बताया गया है। UP News
पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता के साथ हर्षित गुप्ता और संतोष गुप्ता को हिरासत में लिया है। पुलिस ने एक लाइसेंसी राइफल, एक अवैध देसी पिस्तौल और लकड़ी के डंडे बरामद किए जाने की जानकारी भी दी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद किस तरह बढ़ा, गोलीबारी किसने की और प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही।
महत्वपूर्ण अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 की सुबह तक प्रकाशित रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों से आगे किसी न्यायिक निर्णय या अंतिम पुलिस निष्कर्ष की पुष्टि नहीं होती। हिरासत को दोष सिद्ध होना नहीं माना जाना चाहिए। UP News
इस मामले में सिर्फ पुराने खर्चों का हिसाब ही नहीं, बल्कि कमेटी के गठन और पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी विवाद की बात रिपोर्टों में सामने आई है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में पुरानी कमेटी के आय-व्यय का विवरण और नई इकाई के गठन पर चर्चा हो रही थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कौशल गुप्ता इस बार कमेटी में पदाधिकारी बनने की दावेदारी कर रहे थे। हालांकि, इन परिस्थितियों और कथित विवाद की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। UP News
तीन लोगों की मौत की खबर फैलने के बाद अमरिया कस्बे में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। घटनास्थल के अलावा अस्पताल में भी पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस के सामने तीन अहम सवाल हैं:
इन सवालों के जवाब जांच, बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से सामने आ सकते हैं। UP News
रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजन की कमेटी में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और आपसी संवाद बेहद जरूरी हैं। यदि किसी खर्च पर सवाल उठता है, तो उसका समाधान दस्तावेजों, बैठक और नियमानुसार कार्रवाई से होना चाहिए—हथियारों से नहीं। पीलीभीत की यह घटना कमेटियों के कामकाज में पारदर्शिता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत को रेखांकित करती है। हालांकि, घटना की जिम्मेदारी तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। UP News
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