
Pilibhit rape case उत्तर प्रदेश में महिलाओं और युवतियों की आबरू और जान की सुरक्षा का दावा करने वाली योगी सरकार में प्रदेश के पीलीभीत जनपद में एक रौंगटे खड़े कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां पर घर में अकेल एक दलित किशोरी से रेप किया गया और बाद में डीजल डालकर आग लगा दी। फिलहाल यह किशोरी सरकारी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पीड़ित किशोरी के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है।
घटना की जानकारी होते ही तमाम पुलिस अधिकारी आनन फानन में जिला अस्पताल में किशोरी से मिलने पहुंचे हैं। पीड़ित किशोरी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। यह घटना माधोटांडा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। बताया जाता है कि गांव के ही दो युवक विगत 7 सितंबर को 17 वर्षीय किशोरी के घर में घुस गए। इस दौरान किशोरी अपने घर में अकेली थी। किशोरी को अकेली देखकर आरोपियों ने किशोरी के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और बाद डीजल डालकर किशोरी को आग लगा दी।
आग लगाए जाने के बाद पड़ोसी ग्रामीण किशोरी के घर पहुंचे और किसी तरह से आग पर काबू पाया। बाद में किशोरी के परिजन भी घर पहुंच गए। परिजन आनन-फानन में पीड़िता को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा है। किशोरी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वायरल वीडियो में किशोरी कह रही है कि दोपहर के समय वह अपने घर पर अकेली थीं। पिता जी खेत पर गए थे और मां उसके मामा के यहां गई थी। इसी का फायदा उठाकर राजवीर और ताराचंद्र नामक युवक घर में घुस आए। उसके साथ जबरदस्ती की और पेट्राल डालकर आग लगा दी।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। घटना के तीन दिन बाद यानि की 10 सितंबर को पीड़िता के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक दिनेश पी, अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी भारी पुलिस फोर्स के साथ जिला अस्पताल पीड़िता से मिलने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरु की है। एसपी ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद मामले की जांच कराई जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।