इसके बाद उन्होंने परिसर में बने अत्याधुनिक म्यूजियम का भ्रमण किया, जहां उत्तर प्रदेश की धरती से जुड़े राष्ट्र-विचार को केंद्र में रखते हुए तीनों महापुरुषों के जीवन, विचार और राष्ट्र-निर्माण में योगदान पर आधारित प्रदर्शनी व ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति का अवलोकन किया।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सांस्कृतिक–राजनीतिक मानचित्र पर आज एक नया राष्ट्रीय स्मारक-परिसर दर्ज हो गया। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण करते हुए परिसर में स्थापित अटल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय की भव्य कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। प्रधानमंत्री ने प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर तीनों विभूतियों को श्रद्धांजलि दी, फिर भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने परिसर में बने अत्याधुनिक म्यूजियम का भ्रमण किया, जहां उत्तर प्रदेश की धरती से जुड़े राष्ट्र-विचार को केंद्र में रखते हुए तीनों महापुरुषों के जीवन, विचार और राष्ट्र-निर्माण में योगदान पर आधारित प्रदर्शनी व ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति का अवलोकन किया।
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा, जहां कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और डीजीपी राजीव कृष्ण ने उनकी अगवानी की। इसके बाद प्रधानमंत्री सेना के हेलीकॉप्टर से सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी पूरी तरह हाई अलर्ट पर रही, एसपीजी के साथ खुफिया एजेंसियां और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की पल-पल निगरानी करते रहे। बीते कई दिनों से शहर में बहुस्तरीय चेकिंग, सुरक्षा ड्रिल और रूट प्लानिंग की गई थी, ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी स्तर पर कोई चूक न रहे और लखनऊ में कार्यक्रम तय समय व तय प्रोटोकॉल के मुताबिक संपन्न हो।
प्रशासन के मुताबिक ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी है जिस जगह कभी कूड़े का ढेर और उपेक्षित इलाका था, वही अब उत्तर प्रदेश के लिए एक भव्य राष्ट्रीय स्मृति-परिसर बनकर उभरा है। यहां आने वाली पीढ़ियां देश की राजनीतिक यात्रा, विचार-परंपरा और सार्वजनिक जीवन के मूल्यों को एक ही परिसर में समझ सकेंगी। जानकारी के अनुसार, करीब 65 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। लोकार्पण समारोह को जन-भागीदारी का उत्सव बनाने के लिए करीब 1.25 लाख कुर्सियां लगाई गईं, ताकि बड़ी संख्या में लोग बैठकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुन सकें। परिसर का सबसे बड़ा आकर्षण तीनों महापुरुषों की 65-65 फीट ऊंची विशाल कांस्य प्रतिमाएं हैं अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जिन्हें केंद्र में रखकर यह स्थल “स्मृति” के साथ-साथ “प्रेरणा” का संदेश देने के लिए विकसित किया गया है।
लखनऊ रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए संदेश देकर कहा कि सरकार देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान, संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पर आकार ले रहा ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ और इससे जुड़ा अत्याधुनिक संग्रहालय लोगों को उन नेताओं के जीवन, विचार और राष्ट्र-निर्माण में योगदान को करीब से जानने का अवसर देगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक यह परिसर सिर्फ स्मारक नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां इतिहास, विचार और प्रेरणा तीनों एक साथ दिखाई देंगे। UP News