विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक माहौल के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला भारतीय सेना का एक जवान अपने ही गृहजनपद में हिंसा का शिकार हो गया। ब

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राजनीतिक माहौल के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला भारतीय सेना का एक जवान अपने ही गृहजनपद में हिंसा का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की जा रही टिप्पणी का जब जवान ने विरोध किया, तो मामला अचानक गरमा गया। देखते ही देखते बहस ने टकराव का रूप ले लिया और जवान के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र के हासेंमऊ गांव में एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे और मंच से राजनीतिक बातें भी कही जा रही थीं। इसी दौरान माहौल तब बदल गया, जब सभा में मौजूद एक सेना के जवान ने कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जता दी। उत्तर प्रदेश के इस गांव में शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही देर में तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जवान विकास दीप ने मंच के पास पहुंचकर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि देश और नेतृत्व को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। आरोप है कि उत्तर प्रदेश में जनसभा के दौरान विरोध जताने के बाद वहां मौजूद कुछ लोग भड़क गए। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और जवान के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई। इस कथित हमले में जवान के सिर और हाथ में चोट लगने की जानकारी मिली है। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में हुई इस घटना के बाद घायल जवान को तत्काल मदद पहुंचाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के समय वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और लोग कुछ देर तक समझ नहीं पाए कि मामला अचानक इतना कैसे बढ़ गया।
जानकारी के मुताबिक, विकास दीप भारतीय सेना में तैनात हैं और इन दिनों छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। उत्तर प्रदेश में अपने घर लौटे जवान के साथ इस तरह की घटना ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। गांव में इस बात को लेकर चर्चा है कि लोकतांत्रिक माहौल में किसी की राय से असहमति होना अलग बात है, लेकिन उसका जवाब हिंसा से देना कहीं से भी उचित नहीं माना जा सकता। घायल जवान ने कहा है कि उन्होंने घटना की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस में औपचारिक शिकायत दिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। UP News
विज्ञापन