अंबेडकरनगर में किशोरी के अपहरण और दुराचार के मामले में पॉक्सो अदालत ने राहुल को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि जमा राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को दिया जाए।

UP News: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में किशोरी के अपहरण और दुराचार के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी राहुल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मोहन कुमार की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। साथ ही निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि जमा होने पर उसका 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को दिया जाए। पीड़िता को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का भी आदेश दिया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला अंबेडकरनगर जिले के अहिरौली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। छह जून 2023 को बहती सोनावां निवासी राहुल पुत्र रामलाल किशोरी को अपने साथ ले गया था। बताया गया कि किशोरी अपने साथ सोने की चेन, अंगूठी और एक जोड़ी सोने की झुमकी भी ले गई थी। इस मामले में नूरुद्दीनपुर निवासी सुनीता वर्मा और सचिन पर भी घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया था। किशोरी की बरामदगी के बाद जांच के दौरान उसके साथ दुराचार किए जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। UP News:
मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सत्य प्रकाश पांडेय ने अभियोजन पक्ष की ओर से किशोरी समेत आठ गवाहों को अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के पक्ष में दलीलें प्रस्तुत कीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायालय ने राहुल को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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अदालत ने अपने फैसले में निर्देश दिया कि जुर्माने के रूप में जमा होने वाली राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को दिया जाए। इसके अलावा, पीड़िता को आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के उद्देश्य से फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का आदेश दिया गया है।
इस फैसले के जरिए अदालत ने दोषी को सजा देने के साथ पीड़िता को आर्थिक राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया है। UP News:
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