उत्तर प्रदेश के नोएडा में कथित लव जिहाद मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। थाना स्तर पर गंभीर आरोपों के बावजूद हल्की धाराएं लगाने के चलते एसएचओ और एसआई को निलंबित कर दिया गया है, जबकि उच्च अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।

Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा में कथित लव जिहाद मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। थाना स्तर पर गंभीर आरोपों के बावजूद हल्की धाराएं लगाने के चलते एसएचओ और एसआई को निलंबित कर दिया गया है, जबकि उच्च अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।
मामला नोएडा के फेस-3 थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवती ने आरोप लगाया कि एक बांग्लादेशी युवक ने अपनी पहचान और धर्म छिपाकर उससे संबंध बनाए। यवती ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए संपर्क हुआ था। प्रेम जाल में फंसाने का आरोप लगाते हुए यवती ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप भी लगाया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार शोषण किया।
पुलिस पर आरोप : हल्की धाराओं में दर्ज की गई एफआईआर
पीड़िता द्वारा शिकायत के बावजूद पुलिस पर शुरुआत में मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगा। बताया गया कि एफआईआर में कड़ी धाराएं नहीं लगाई गईं। मामले को दबाने की कोशिश की गई जिससे कार्रवाई में देरी हुई। यही वजह रही कि पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े हुए।
जब कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर थाने का घेराव किया। विरोध और हंगामे के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद एसएचओ पुनीत कुमार और एसआई प्रीति गुप्ता निलंबित कर दी गर्इं। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शक्ति मोहन अवस्थी से भी जवाब मांगा गया है। जांच रिपोर्ट में यह तय किया जाएगा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई और आगे किन अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। नोएडा का यह मामला एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई से यह संकेत जरूर मिला है कि लापरवाही पर अब सख्ती बरती जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी बड़े फैसले हो सकते हैं।