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लखनऊ में ईद के मौके पर जहां एक ओर खुशियों और भाईचारे का माहौल देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर सियासत की हलचल भी साफ नजर आई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ऐशबाग ईदगाह पहुंचे और लोगों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ईद के मौके पर जहां एक ओर खुशियों और भाईचारे का माहौल देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर सियासत की हलचल भी साफ नजर आई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ऐशबाग ईदगाह पहुंचे और लोगों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
ईदगाह पर नमाज के बाद जैसे ही अखिलेश यादव पहुंचे, वहां मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने और मिलने के लिए जुटे। अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे, सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने लोगों से मुलाकात की और ईद की मुबारकबाद दी।
अखिलेश यादव ने मौके पर मौजूद लोगों को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं। लोगों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना तथा आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया। मीडिया से बातचीत में कई राजनीतिक मुद्दों पर भी खुलकर बोले। ईद के मौके पर दिए गए बयान में उन्होंने आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा इशारा किया। 2027 में बड़ी शपथ का जिक्र कर सियासी संदेश दिया।
दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की जरूरत है, अपने समर्थकों में जोश भरने की कोशिश की।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए व ब्राह्मण समाज के सम्मान को लेकर टिप्पणी की। अपराध और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। ईद-उल-फित्र के मौके पर लोगों ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। राजधानी में कुछ स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया तथा ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर नाराजगी जाहिर की। लखनऊ में ईद का पर्व जहां भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बना, वहीं इस बार इसमें सियासत का रंग भी साफ दिखाई दिया। अखिलेश यादव के बयान और मौजूदगी ने यह संकेत दे दिया कि 2027 के चुनावी समीकरणों की तैयारी अब से ही शुरू हो चुकी है।
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