रमाकांत पाण्डेय
(Bhadohi) भदोही। जिले की भाजपा में सब ठीक नहीं चल रहा है भदोही जिले में जहां जीत पर रार मची है वहीं हार पर भी रार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भदोही विधानसभा सीट पर जहां भाजपा हार गई वहीं औराई सीट पर जीत दर्ज करने के बाद भी पार्टी में घमासान मचा है। विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद पार्टी के दिग्गज एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाना शुरू कर कर दिए हैं हार पर रार और जीत पर भी रार शुरू हो गयी है जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर यदि नजर दौड़ाई जाए तो भाजपा गठबंधन के खाते में जहां 2 सीट गई वहीं भदोही विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा होते ही खेल जिले की भाजपाइयों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जहां विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत को लेकर जश्न में डूबा है वही भदोही जिले में भाजपा के दिग्गज एक दूसरे को नीचा दिखाने को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल मचाये हैं।
ज्ञानपुर विधानसभा सीट पर निषाद पार्टी एवं भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी विपुल दुबे जहां चुनाव जीत गए वहीं भदोही विधानसभा सीट (Bhadohi Assembly Seat) पर भाजपा प्रत्याशी रविंद्र नाथ त्रिपाठी को हार का स्वाद चखना पड़ा। औराई विधानसभा सीट की बात करें तो यहां पर दीनानाथ भास्कर किसी तरह चुनाव जीतकर भाजपा की लाज बचाने में सफल रहे। लेकिन भाजपा के कद्दावर एवं पूर्व गृह राज्य मंत्री रंगनाथ मिश्र एवं दीनानाथ भास्कर के बीच तलवारें खिंच गई है। आरोप-प्रत्यारोप दोनों नेताओं के बीच चल रहा है इस बात का संज्ञान पार्टी हाईकमान भी ले चुका है।
वही ज्ञानपुर विधानसभा सीट पर इस बार पूर्व सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पंडित गोरखनाथ पांडेय वह बाहुबली विजय मिश्र का चक्रव्यूह भेदने में पूरी तरह सफल रहे हालांकि भदोही संसदीय सीट पर वर्तमान समय में भाजपा के रमेश चंद बिंद सांसद हैं लेकिन जिस तरह से विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपना तेवर दिखाए हैं इसी तरह लोकसभा के चुनाव में भी पार्टी हाईकमान अपना तेवर दिखाने के मूड में है जो काम नहीं करेगा उसे पार्टी दोबारा मौका नहीं देगी। जिस तरह से भाजपा के कद्दावर नेता को निशाना बनाया जा रहा है। उससे जिले में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी हाईकमान इस पर शीघ्र कार्रवाई कर गुटबाजी को समाप्त नहीं किया तो आने वाले समय में पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।
महत्वपूर्ण यह है कि भदोही जनपद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी से बिल्कुल सटा हुआ है। इसलिए यहां की हर बात पीएम मोदी तक पहुंचती रहती हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल गठन के बाद यहां के कई नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है। अब देखना यह है कि हार पर रार और जीत पर भी रार आखिर कब खत्म होगी।