
भाजपा का आरोप है कि ‘पीडीए पाठशाला’ में बच्चों को ए फॉर अखिलेश और डी फॉर डिंपल जैसे राजनीतिक पाठ पढ़ाए जा रहे हैं। इस पर आधारित वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन पर पार्टी ने आपत्ति जताई है। पाठक ने सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर भी हमला बोला और कहा कि उस समय उपद्रवियों और आतंकियों के केस वापस लिए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार में कानून-व्यवस्था सख्ती से लागू है।
इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षा में कमी संसाधनों की नहीं, सोच की है।आदर्श व्यवस्था में 20 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार शिक्षा को भी व्यापार की तरह देख रही है और बजट की कमी का बहाना बना रही है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री पर व्यंग्य करते हुए कहा - अगर भाजपा आत्मप्रचार पर होने वाला खर्च कम कर दे, तो बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। शिक्षा कोई व्यापार नहीं है, जिसे मुनाफा-नुकसान की तराजू पर तौला जाए। समाजवादी पार्टी हमेशा से शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने को प्राथमिकता देती आई है। जब-जब भाजपा सरकार स्कूल बंद करेगी, तब-तब ‘पीडीए पाठशाला’ बच्चों की पढ़ाई के अधिकार की ढाल बनकर खड़ी होगी। भाजपा जाए तो पढ़ाई बच जाए। Uttar Pradesh Samachar