प्रतापगढ़ के एक परिवार में खेल की ऐसी उपलब्धि सामने आई है, जिसने पूरे पट्टी क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। पिता ने एथलेटिक्स में पदक हासिल किया तो 13 वर्षीय बेटी ने दो अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई। जानिए पिता-पुत्री की इस शानदार सफलता की पूरी कहानी।

हैमर थ्रो में पिता ने दिखाया दम, 13 वर्षीय बेटी ने बास्केटबॉल में सिल्वर और कराटे में गोल्ड जीतकर बढ़ाया क्षेत्र का मान
UP News : खेल के मैदान में जब पिता और बेटी एक साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और दोनों के हाथ में पदक आएं तो खुशी दोगुनी हो जाती है। प्रतापगढ़ के पट्टी क्षेत्र में रहने वाले शिवांक उपाध्याय और उनकी 13 वर्षीय बेटी सेजल उपाध्याय ने खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर परिवार के साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शिवांक ने हैमर थ्रो में कांस्य पदक जीता, जबकि सेजल ने बास्केटबॉल में सिल्वर और कराटे में गोल्ड मेडल हासिल किया। पिता-पुत्री की इस उपलब्धि से कंजा सराय गुलामी गांव सहित पूरे पट्टी क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दोनों की सफलता को लेकर परिजन, ग्रामीण और शुभचिंतक उन्हें बधाई दे रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित 34वीं यूपी स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शिवांक उपाध्याय ने हैमर थ्रो स्पर्धा में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने साबित किया कि खेल के प्रति जुनून और मेहनत उम्र की सीमाओं से आगे होती है।
पिता की सफलता के साथ कदम मिलाते हुए बेटी सेजल उपाध्याय ने भी खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन किया। गोरखपुर में आयोजित 70वीं माध्यमिक विद्यालयीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में सेजल ने अपनी टीम के साथ बेहतर खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा कराटे प्रतियोगिता में भी सेजल ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। महज 13 साल की उम्र में दो अलग-अलग खेलों में पदक जीतना उसकी मेहनत और खेल के प्रति लगन को दर्शाता है।
शिवांक और सेजल की उपलब्धियों से कंजा सराय गुलामी गांव में उत्साह का माहौल है। परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने दोनों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल के मैदान में पिता-पुत्री की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। शिवांक ने जहां अपनी खेल प्रतिभा से पदक हासिल किया, वहीं सेजल ने दो अलग-अलग खेलों में अपनी पहचान बनाई। दोनों की उपलब्धियां बताती हैं कि लगन, अनुशासन और लगातार अभ्यास से सफलता हासिल की जा सकती है।
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