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उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत बड़ा रहस्य बन गई है। जानकारी मिल रही है कि प्रतीक यादव की मौत के मामले में जल्दी ही कोई बड़ा खुलासा हो सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस के बड़े अधिकारी प्रतीक यादव की मौत के कारणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत बड़ा रहस्य बन गई है। जानकारी मिल रही है कि प्रतीक यादव की मौत के मामले में जल्दी ही कोई बड़ा खुलासा हो सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस के बड़े अधिकारी प्रतीक यादव की मौत के कारणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने प्रतीक यादव का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा लखनऊ में तैनात DCP विक्रांत वीर सिंह ने प्रतीक यादव के घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया हे। UP News
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ IPS अधिकारी विक्रांत वीर सिंह ने चेतना मंच को बताया कि प्रतीक यादव का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फॉरेंसिकटीम को सौंप दिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की फॉरेंसिक टीम मोबाइल फोन के द्वारा प्रतीक यादव के निधन से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस को लगता है कि मोबाइल फोन के द्वारा प्रतीक यादव की मौत का रहस्य सुलझ सकता है। इस दौरान प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने दावा किया है कि प्रतीक यादव के शरीर पर किसी प्रकार की चोट का निशान नहीं मिला है। आगे की छानबीन के लिए पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने प्रतीक यादव का बिसरा सुरक्षित रख लिया है। साथ ही प्रतीक यादव के हार्ट को भी रिजर्व करके रखा गया है। प्रतीक यादव की मौत का रहस्य लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रतीक यादव के घनिष्ट मित्र मुकेश बहादुर सिंह के बयान की भी जांच कर रही है। पेशे से बिजनेसमैन प्रतीक यादव के मित्र मुकेश बहादुर सिंह ने बयान दिया है कि बुधवार सुबह प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह घर के किचन में बेसुध होकर गिर पड़े। इसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले जाया गया। मुकेश बहादुर सिंह ने कहा, मैंने बॉडी को करीब से देखा है। सोशल मीडिया पर जो तरह-तरह की बातें चल रही हैं, वे सही नहीं हैं। डॉक्टर बेहतर जानते हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जितना उन्होंने शव को देखा, उसमें न तो शरीर नीला पड़ा था और न ही किसी तरह के चोट के निशान दिखाई दिए। UP News
प्रतीक यादव का निधन बुधवार की सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर हो गया था। सिविल अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बुधवार सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ। देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि उन्हें तुरंत ICU में शिफ्ट किया गया, लेकिन शुरुआती जांच में ही शरीर में जीवन के कोई संकेत नहीं मिले। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी पल्स नहीं चल रही थी और आंखें पूरी तरह फिक्स थीं। शरीर में मौत के लगभग सभी लक्षण मौजूद थे। उसी समय डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। UP News
इस दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा प्रतीक यादव के भाई अखिलेश यादव के बयान के भी मायने निकाले जा रहे हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव मीडिया से बात करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, प्रतीक अपनी हेल्थ को लेकर बहुत जागरूक था और अपने बिजनेस में भी व्यस्त रहता था। इसके बाद उन्होंने कहा, कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या प्रतीक यादव किसी आर्थिक दबाव या बिजनेस से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे थे। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न परिवार ने और न ही डॉक्टरों ने इस तरह की किसी बात की पुष्टि की है। UP News
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