उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सोरांव थाना क्षेत्र के एक गांव में मानसिक रूप से बीमार 16 वर्षीय किशोर को कथित तौर पर चोर समझकर कुछ लोगों ने पेड़ से बांध दिया और उसके साथ बेरहमी की।

UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सोरांव थाना क्षेत्र के एक गांव में मानसिक रूप से बीमार 16 वर्षीय किशोर को कथित तौर पर चोर समझकर कुछ लोगों ने पेड़ से बांध दिया और उसके साथ बेरहमी की। आरोप है कि किशोर की लाठी-डंडों से पिटाई करने के साथ उसके शरीर पर ब्लेड और सूजे से वार किए गए। इतना ही नहीं, उसके घावों पर नमक और मिर्च पाउडर भी डाल दिया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद किशोर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में उपचार चल रहा है। UP News
जानकारी के अनुसार, सोरांव थाना क्षेत्र के अब्दालपुर खास धरिकार का पूरा गांव निवासी सुरेश कुमार का 16 वर्षीय बेटा शिवम पिछले कुछ महीनों से मानसिक बीमारी से जूझ रहा है और उसका इलाज चल रहा है। बताया गया कि शनिवार तड़के वह घर से निकलकर नहर की ओर चला गया। इसी दौरान तिल्ली का पूरा मजरा के कुछ युवकों ने उसे संदिग्ध मानते हुए पकड़ लिया। आरोप है कि बिना किसी पुष्टि के उसे चोर समझकर पेड़ से बांध दिया गया और बेरहमी से मारपीट की गई। UP News
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने किशोर के शरीर पर ब्लेड और सूजे से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसके जख्मों पर नमक और मिर्च पाउडर डाल दिया गया। दर्द से तड़पते हुए किशोर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार मौके पर पहुंचा और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित की मां रेनू देवी ने सोरांव थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि मानसिक रूप से बीमार बच्चे के साथ की गई इस क्रूरता के दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। UP News
थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच की गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने किशोर को चोर समझकर पकड़ने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। पुलिस का कहना है कि यदि पीड़ित पक्ष आगे कानूनी कार्रवाई चाहता है, तो उपलब्ध तथ्यों और शिकायत के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। UP News
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