प्रयागराज और वाराणसी में नदी किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गया है, जबकि काशी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ वरुणा नदी भी कई इलाकों में परेशानी बढ़ा रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज और वाराणसी में नदी किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पहुंच गया है, जबकि काशी में गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ वरुणा नदी भी कई इलाकों में परेशानी बढ़ा रही है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। UP News
प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। संगम क्षेत्र में बढ़ते पानी का असर घाटों और आसपास के इलाकों पर दिखाई देने लगा है। प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर की दहलीज तक पानी पहुंच चुका है। मंदिर परिसर के भीतर पानी पहुंचने की संभावना को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। संगम तट पर जहां रोजाना शाम को आरती होती थी, वह स्थान भी पानी में डूब चुका है। नदी का पानी लगातार बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। UP News
प्रयागराज में फाफामऊ में गंगा का जलस्तर करीब 81.27 मीटर, छतनाग में 80.30 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर करीब 80.63 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि, दोनों नदियां अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जलस्तर में आगे भी बदलाव की आशंका बनी हुई है। UP News
विज्ञापन