प्रयागराज के सर्वोदय नगर में RSS भारद्वाज नगर की प्रमुख जन संवाद गोष्ठी आयोजित हुई। आलोक मालवीय ने संघ की स्थापना, शताब्दी वर्ष और पंच परिवर्तन पर विचार रखे।

UP News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारद्वाज नगर, प्रयाग उत्तर की ओर से सरस्वती विद्या मंदिर, सर्वोदय नगर में प्रमुख जन संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वावलंबी जीवन और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख श्री आलोक मालवीय रहे। उन्होंने संघ की स्थापना के ऐतिहासिक संदर्भ से लेकर वर्तमान समय में संघ द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों की जानकारी उपस्थित जनसमुदाय के समक्ष रखी।
मुख्य वक्ता आलोक मालवीय ने कहा कि संघ की स्थापना के पीछे तत्कालीन भारत की सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों को समझना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1920 से 1925 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण कर वहां की परिस्थितियों को समझा और इसके बाद राष्ट्र को संगठित करने की आवश्यकता महसूस की।
उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक विदेशी शासन के अधीन रहा। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। ऐसी परिस्थितियों में समाज को संगठित, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने की आवश्यकता महसूस हुई। आलोक मालवीय ने संघ के स्वयंसेवकों द्वारा आपदा और संकट के समय किए जाने वाले सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में जब भी प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट की परिस्थितियां सामने आईं, स्वयंसेवकों ने पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे बढ़कर कार्य किया।
मुख्य वक्ता ने कहा कि वर्तमान समय संघ के शताब्दी वर्ष का महत्वपूर्ण कालखंड है। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक जागरण और सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की सुविधाएं पहुंचाना आवश्यक है। समाज की मजबूती तभी संभव है जब सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
आलोक मालवीय ने कहा कि स्वदेशी जागरण और सामाजिक परिवर्तन के व्यापक उद्देश्य को लेकर संघ की ओर से ‘पंच परिवर्तन’ पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयाम बताए—
उन्होंने कहा कि इन पांच विषयों को लेकर समाज में जागरूकता पैदा करने और लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है।
आलोक मालवीय ने उपस्थित लोगों से अपने दैनिक जीवन में देश में निर्मित उत्पादों के अधिक से अधिक प्रयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने दैनिक व्यवहार और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके इसमें योगदान दे सकता है।
गोष्ठी में नारी सशक्तिकरण विषय पर शालिनी शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी ने हमेशा त्याग, संघर्ष और बलिदान के माध्यम से परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई होल्कर और ऊदा देवी जैसी वीरांगनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में महिलाओं के साहस और योगदान की लंबी परंपरा रही है। शालिनी शर्मा ने कहा कि आज की महिलाएं देश की सीमाओं से लेकर विमान संचालन तक विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा, प्रशासन, सेना, विज्ञान, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। यह सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण संकेत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रयाग नगर उत्तर के नगर संचालक अनिल बाबू जायसवाल ने एक प्रेरक कहानी के माध्यम से उपस्थित लोगों को दृढ़ संकल्प, संघर्ष के समय मजबूत बने रहने और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के भीतर दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास की भावना होना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह विनय मिश्र ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गोष्ठी में परमानंद पांडे, धनंजय सिंह, गोविंद नारायण श्रीवास्तव, जेपी श्रीवास्तव, कृष्णकांत, भारद्वाज नगर प्रयाग उत्तर के बौद्धिक प्रमुख अरुणेश ‘बबलू’, हर्ष शाखा के शाखा कार्यवाह अशोक शर्मा, जिला व्यवस्था प्रमुख कृष्णा चौबे, प्रकाश तिवारी तथा हर्ष शाखा के मुख्य शिक्षक सुभाष उपाध्याय सहित अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में आयोजित यह जन संवाद गोष्ठी संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान चल रहे सामाजिक जागरण के प्रयासों की कड़ी के रूप में सामने आई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण को केवल राजनीतिक विषय न मानकर उसे परिवार, समाज, पर्यावरण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों से जोड़ते हुए उपस्थित लोगों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। UP News :
विज्ञापन