दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में प्रयागराज के गौहनिया से जुड़े शैलेश कुशवाह ने 1:05:05 के समय के साथ भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। IAS डॉ. लोकेश एम. ने भी दौड़ पूरी की।

UP News: उत्तर प्रदेश के एक प्रसिद्ध IAS अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव के खिलाड़ी (एथलीट) ने एक साथ बड़ा कमाल कर दिया है। मजेदार बात यह है कि उत्तर प्रदेश के जिन दो लोगों ने एक साथ यह बड़ा कमाल किया है, वे दोनों ही उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक नगर प्रयागराज से जुड़े हुए हैं। प्रयागराज मंडल के दोनों नागरिकों की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोग लगातार बधाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मंडल से जुड़े इन दोनों नागरिकों ने यह बड़ा कमाल भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में किया है।
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आपको बता दें कि 18 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन-2026 (VDHM) का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के 42 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। प्रोकैम इंटरनेशनल द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित दौड़ को वेदांता समूह ने प्रायोजित किया था। प्रतियोगिता में अलग-अलग श्रेणियों के धावकों ने निर्धारित दूरी पूरी करने के लिए अपनी क्षमता, गति और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. ने हाफ मैराथन की पूरी दूरी दौड़कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। वहीं, प्रयागराज के गौहनिया क्षेत्र से जुड़े युवा एथलीट शैलेश कुशवाह ने भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। एक ओर प्रशासनिक सेवा में अपनी पहचान रखने वाले अधिकारी ने उम्र को चुनौती देते हुए दौड़ पूरी की, तो दूसरी ओर गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी धावकों के बीच शैलेश ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
दिल्ली हाफ मैराथन-2026 में उत्तर प्रदेश के युवा एथलीट शैलेश कुशवाह की उपलब्धि इस प्रतियोगिता की सबसे खास रही। प्रयागराज के गौहनिया क्षेत्र से जुड़े शैलेश ने भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में पहला स्थान हासिल करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। महज 20 वर्ष की उम्र में देश के प्रतिष्ठित धावकों के बीच यह सफलता हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। शैलेश ने 21.097 किलोमीटर की हाफ मैराथन दौड़ को 1 घंटा 5 मिनट 5 सेकंड में पूरा किया। इस तरह उन्होंने भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल करने वाले गौरव माथुर ने 1 घंटा 5 मिनट 11 सेकंड का समय लिया। शैलेश ने उन्हें छह सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ दिया। हेमंत सिंह 1 घंटा 5 मिनट 37 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
शैलेश की जीत केवल उनकी गति का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह धैर्य, रणनीति और सही समय पर तेजी बढ़ाने की क्षमता का भी उदाहरण रही। मुकाबले के शुरुआती हिस्से में पांच धावकों का एक समूह आगे चल रहा था। दौड़ के आधे से अधिक हिस्से के बाद शैलेश ने अपनी गति बढ़ाई और इस समूह से आगे निकलने में सफलता हासिल की। इसके बाद उन्हें गौरव माथुर की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। गौरव लगातार उनके करीब बने रहे, लेकिन शैलेश ने अंतिम चरण तक अपनी बढ़त बनाए रखी और छह सेकंड के अंतर से जीत दर्ज कर ली। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि लंबी दूरी की दौड़ में केवल तेज शुरुआत करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पूरी दूरी में गति और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है। शैलेश ने प्रतियोगिता के बाद बताया कि 65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में अपने प्रदर्शन से वह संतुष्ट नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने दिल्ली हाफ मैराथन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दौड़ में जल्दी बढ़त बनाने और लंबे समय तक आगे बने रहने के दौरान दबाव महसूस होता है, क्योंकि पीछे चल रहे प्रतिद्वंद्वी लगातार चुनौती दे रहे थे।
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प्रयागराज के गौहनिया क्षेत्र से जुड़े शैलेश कुशवाह ने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश के सर्वश्रेष्ठ धावकों के बीच अपनी जगह बनाई है। किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शैलेश की इस जीत से क्षेत्र के उन युवाओं को भी प्रेरणा मिल सकती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि लगातार अभ्यास, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने से बड़े मंच पर भी सफलता हासिल की जा सकती है। शैलेश के प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं पर ध्यान आकर्षित करने का अवसर दिया है। UP News:
दिल्ली हाफ मैराथन में दूसरी उल्लेखनीय उपलब्धि IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. की रही। उन्होंने 50 वर्ष की उम्र में इस चुनौतीपूर्ण दौड़ को पूरा करके अपनी फिटनेस और अनुशासन का परिचय दिया। डॉ. लोकेश एम. उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा के एक चर्चित IAS अधिकारी हैं। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में भी वह अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में भी दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लिया था। उस समय उनकी उम्र 49 वर्ष थी और उन्होंने दौड़ पूरी की थी। वर्ष 2026 में दोबारा इस प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्होंने नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। हाफ मैराथन में 21.097 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। यह दूरी किसी भी धावक की सहनशक्ति, शारीरिक तैयारी और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा लेती है। डॉ. लोकेश एम. का उदाहरण बताता है कि व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी शारीरिक फिटनेस को प्राथमिकता दी जा सकती है।
18 अक्टूबर 2026 को आयोजित वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में 41 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय पुरुष एलीट वर्ग में केन्या के चार्ल्स म्बाथा माताता ने 58 मिनट 52 सेकंड में दौड़ पूरी करके नया कोर्स रिकॉर्ड बनाया। भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में शैलेश कुशवाह की जीत और महिला वर्ग में अंकिता ध्यानी की सफलता भी आयोजन के प्रमुख परिणामों में शामिल रही। अंकिता ने भारतीय महिला एलीट वर्ग में 1 घंटा 12 मिनट 46 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धी दौड़ आयोजित करना ही नहीं, बल्कि लोगों को फिटनेस और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी है। इस वर्ष आयोजन को भूख के खिलाफ अभियान से भी जोड़ा गया था।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मंडल से जुड़े IAS अधिकारी डॉ. लोकेश एम. और युवा एथलीट शैलेश कुशवाह की उपलब्धियां अलग-अलग क्षेत्रों में परिश्रम और प्रतिबद्धता का उदाहरण हैं। एक ओर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच फिटनेस के प्रति समर्पण दिखाई दिया, तो दूसरी ओर 20 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में पहला स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित की। विशेष रूप से शैलेश कुशवाह की जीत गौहनिया और प्रयागराज क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर है। प्रयागराज से दिल्ली तक पहुंची यह सफलता उत्तर प्रदेश के युवाओं को संदेश देती है कि खेल के मैदान में पहचान बनाने के लिए लक्ष्य के प्रति समर्पण, नियमित अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति आवश्यक है। UP News:
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