क्या प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का सच अब सामने आएगा ? वृंदावन में हुई इस घटना को लेकर संत समाज में बढ़ती चिंता के बीच फलाहारी धाम के महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना को लेकर संत समाज में सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच फलाहारी धाम के महंत दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। दिनेश फलाहारी महाराज की ओर से की गई CBI जांच की मांग की खबर अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई है। वृंदावन में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पुलिस जांच में चौथी मंजिल से गिरने की घटना सामने आई है और पुलिस ने आत्महत्या के एंगल से भी जांच की है। वहीं शरीर पर मिले चोटों और अन्य परिस्थितियों के चलते पुलिस ने मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच की है। UP News
फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि श्रीधाम वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य के साथ हुई घटना से संपूर्ण ब्रजमंडल आहत है। उन्होंने कहा कि मौत की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट होना जरूरी है और इसके लिए निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके और यदि कोई व्यक्ति दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। UP News
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और फॉरेंसिक जांच भी कराई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटें सामने आई हैं। कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की बात भी सामने आई है, जबकि पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक CCTV फुटेज में रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से गिरने की घटना दिखाई देती है। इसके बावजूद उनकी मौत से पहले और उसके आसपास की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है। UP News
दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में वृंदावन की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि श्रीधाम वृंदावन लंबे समय से साधु-संतों की तपस्या, भजन और साधना की भूमि रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर से संत और साधु यहां आकर भजन-साधना करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना से संत समाज और ब्रजवासियों में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। UP News
फलाहारी महाराज ने पत्र में संत वेश में रहने वाले लोगों के सत्यापन की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि वृंदावन की धार्मिक गरिमा और संत परंपरा को बनाए रखने के लिए यहां रहने वाले साधु-संतों की पहचान और सत्यापन की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संतों की आड़ में यदि कोई आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्ति रह रहा है तो उसकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। UP News
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