वृन्दावन के संत प्रेमानंद महाराज को लेकर सामने आए कथित पांच करोड़ रुपये के आरोप पर धर्म रक्षा संघ ने विरोध जताया है।

UP News: वृन्दावन के संत प्रेमानंद महाराज को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में सामने आए कथित पांच करोड़ रुपये के लेन-देन के आरोप पर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। धर्म रक्षा संघ ने इन आरोपों का विरोध करते हुए इन्हें अप्रमाणित बताया है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास पांच करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से संबंधित कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करने के साथ सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। धर्म रक्षा संघ की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि संत प्रेमानंद महाराज के संबंध में यह दावा किया जाना कि भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर महाराज के प्रचार के लिए बुलाया गया था, गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ ने कहा कि बिना प्रमाण किसी संत की प्रतिष्ठा को इस प्रकार के आरोपों से जोड़ना उचित नहीं है। UP News:
सौरभ गौड़ ने कहा कि यदि कथित लेन-देन वास्तव में हुआ है तो उसके समर्थन में बैंक रिकॉर्ड, अनुबंध या अन्य विश्वसनीय दस्तावेज सामने रखे जाने चाहिए। उनका कहना है कि गंभीर आरोपों पर चर्चा केवल प्रमाण और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। धर्म रक्षा संघ ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के लगाए गए आरोपों से संबंधित व्यक्ति की सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। संघ ने अपने वक्तव्य में विराट कोहली के प्रतिनिधि की ओर से सामने आई कथित सफाई का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार पांच करोड़ रुपये दिए जाने का दावा झूठा और निराधार बताया गया है। संघ का कहना है कि विराट कोहली संत प्रेमानंद महाराज के प्रति व्यक्तिगत श्रद्धा और आस्था के कारण उनके दर्शन के लिए जाते हैं। UP News:
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज की पहचान किसी क्रिकेटर, अभिनेता या अन्य प्रसिद्ध व्यक्ति के आने से नहीं बनी है। उनके अनुसार महाराज की पहचान उनकी साधना, सरलता, भक्ति और श्रीराधा नाम के प्रति समर्पण से है। संघ ने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृन्दावन पहुंचकर उनके सत्संग और दर्शन करते हैं। ऐसे में सनसनी फैलाने वाले अप्रमाणित आरोपों से केवल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि ब्रज की संत परंपरा की गरिमा भी प्रभावित हो सकती है।
धर्म रक्षा संघ ने कहा कि वह संत प्रेमानंद महाराज समेत ब्रज के संतों की गरिमा और सम्मान के पक्ष में खड़ा है। साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी गंभीर आरोप की चर्चा तथ्यों, प्रमाणों और मर्यादा के आधार पर ही होनी चाहिए। संघ ने संबंधित आरोपों को लेकर प्रमाण सामने आने की स्थिति में सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष मामला रखने की बात कही है। UP News:
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