चर्चित शंकराचार्य के साथ CBI के अफसर की मुलाकात से मचा हड़कंप

सब जानते हैं कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच 36 का आंकड़ा चल रहा है। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरूद्ध बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। ताजा मुलाकात के कारण उत्तर प्रदेश के राजनैतिक हलकों में हडक़ंप मचा हुआ है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Feb 2026 05:32 PM
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UP News : चर्चित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव की मीटिंग से हडक़ंप मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक चर्चित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ CBI के अफसर की यह मुलाकात बड़ी चर्चा का विषय बन गई है। सब जानते हैं कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच 36 का आंकड़ा चल रहा है। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरूद्ध बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। ताजा मुलाकात के कारण उत्तर प्रदेश के राजनैतिक हलकों में हडक़ंप मचा हुआ है।

सामान्य नहीं है शंकराचार्य तथा CBI अफसर की मुलाकात

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आश्रम स्थापित है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थापित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम का नाम श्री विद्या मठ है। मंगलवार को अचानक CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव उत्तर प्रदेश के श्री विद्या मठ में पहुंचे जहां श्री राव तथा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एकांत कमरे में 25 मिनट तक  मुलाकात की। यह मुलाकात उत्तर प्रदेश के राजनैतिक तथा प्रशासनिक हलकों में बड़ी चर्चा का विषय बन गई है। इस मुलाकात को लेकर शुरूआत में खबर आई थी कि यह शिष्टाचार भेंट हो सकती है। बाद में पता चला कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव की यह मुलाकात बहुत ही महत्वपूर्ण है।

CBI के पूर्व डायरेक्टर कर रहे हैं शंकराचार्य मामले की गुप्त जांच

चर्चित शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव की मुलाकात का सच जानने के बाद पता चला है कि CBI से रिटायर्ड होने के बाद एम. नागेश्वर राव ने एक निजी जांच एजेंसी बना रखी है। यह जांच एजेंसी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद और उससे जुड़े पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कर रही है। इसी जांच के सिलसिले में एम. नागेश्वर राव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विस्तार से बातचीत की। जांच का फोकस इस बात पर है कि 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दिन परिस्थितियां क्या थीं, शंकराचार्य की परंपरागत पालकी यात्रा को क्यों रोका गया, पुलिस और प्रशासन की भूमिका क्या रही और किस बिंदु पर विवाद बढ़ता चला गया। टीम यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि परंपरा और प्रशासनिक निर्णयों के बीच टकराव की स्थिति कैसे बनी। जानकारी के मुताबिक, एम.नागेश्वर राव की टीम ने इस पूरे मामले में प्रयागराज प्रशासन से पालकी यात्रा की अनुमति, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जारी किए गए नोटिस और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों को लेकर जानकारी मांगी है। इसके साथ ही टीम उस दिन मौके पर मौजूद रहे पत्रकारों, पुलिस अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी बातचीत करने की तैयारी कर रही है।

शंकराचार्य के चेले ने कर दिया बड़ा दावा

इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का शिष्य रह चुके आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जल्द ही जेल में जाना पड़ेगा। इस दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी तथा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लोगों के बीच विवाद भी बढ़ता जा रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लोगों ने आशुतोष ब्रह्मचारी को पुराना अपराधी बताया है। अपराधी बताये जाने पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने पलटवार किया है तथा कहा है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कुछ भी कर लें उन्हें जेल जाने से कोई भी नहीं बचा सकता।

अपराधी होने के दावे को बताया फर्जी

आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपराधी होने के आरोपों को फर्जी करार दिया है। एक बयान में आशुतोष ने चुनौती दी है कि स्वामी कोई भी ऐसा अदालती सबूत पेश करें जो उन्हें अपराधी साबित करे। आशुतोष का कहना है कि उनके खिलाफ 21 मुकदमों की जो लिस्ट वायरल की गई है, वह पूरी तरह फर्जी है और पुलिस ने भी ऐसी किसी सूची की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद पीडि़त नहीं बल्कि केवल एक 'सूचनाकर्ता' हैं जो बटुकों (बच्चों) को न्याय दिलाना चाहते हैं। बातचीत के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तुलना 'कालनेमी' से की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी एक डिप्टी सीएम के इशारे पर माघ मेले में धरने पर बैठे थे, जिसकी जांच के लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया है। आशुतोष ने घोषणा की है कि वे जल्द ही 'सनातन न्याय यात्रा' निकालेंगे ताकि स्वामी की असलियत जनता के सामने ला सकें। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ गवाहों को डराया जा रहा है और झूठी साजिशें रची जा रही हैं।

13 मार्च को अदालत में होगा आमना-सामना

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा आशुतोष ब्रह्मचारी का आमना-सामना 13 मार्च को उत्तर प्रदेश के हाईकोर्ट में हो सकता है। आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को एडीजे पॉक्सो कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान स्वामी मुकुंदानंद के वकील ने 104 पेज का एफिडेविट दाखिल किया। इसमें आशुतोष पर 27 मुकदमें होने का दावा करते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा-22 और 23 के तहत कार्रवाई की मांग की गई। आरोप है कि आशुतोष ने पीडि़तों की पहचान सार्वजनिक की है। वहीं आशुतोष ने इन दावों को झूठा बताते हुए कोर्ट से मोहलत मांगी है और 'इन पर्सन' यानी खुद बहस करने की इच्छा जताई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च के बाद होगी।

उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा पर लगाया बड़ा आरोप

इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में वाराणसी के एडीशनल पुलिस कमिश्नर तथा IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा की भी एंट्री हो गई है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा के विरूद्ध बड़ा आरोप लगाया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप है कि उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा उनको झूठे मामले में फंसाने के लिए साजिश कर रहे हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने आरोप के समर्थन में कहा है कि उनके विरूद्ध शिकायत करने वाला आशुतोष ब्रह्मचारी उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा का चेला है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक तस्वीर भी जारी की है। उस तस्वीर में IPS  अधिकारी अजय पाल शर्मा शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ केक काटते हुए नजर आ रहे हैं।

शिकायतकर्ता के साथ IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा के पुराने रिश्ते

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केक काटने वाली फोटो जारी करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता और पुलिस अधिकारी के पुराने रिश्ते हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो रही है। पुलिस वर्तमान में पॉक्सो एक्ट के तहत मामले की जांच तेज कर चुकी है। अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा जारी की गई तस्वीर में 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक प्लास्टिक के स्टूल पर केक काटते दिख रहे हैं। स्वामी का आरोप है कि शिकायतकर्ता आशुतोष शामली के कांधला का रहने वाला है और अजय पाल शर्मा भी वहां एसपी रह चुके हैं। उनके अनुसार, यह तस्वीर दोनों के बीच पुराने और करीबी रिश्तों को दर्शाती है। इसी आधार पर अब प्रयागराज पुलिस द्वारा की जा रही पोक्सो एक्ट की एफआईआर और पूरी जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं।


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उत्तर प्रदेश में होली पर गरीब परिवारों के लिए मुफ्त गैस सिलेंडर योजना

सरकार ने होली 2026 के मौके पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुफ्त गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। यह पहल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहारों के समय घरेलू खर्च को कम करना और महिलाओं को सीधा लाभ पहुँचाना है।

ujjawla
मुफ्त गैस सिलेंडर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 05:03 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने होली 2026 के मौके पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुफ्त गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। यह पहल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहारों के समय घरेलू खर्च को कम करना और महिलाओं को सीधा लाभ पहुँचाना है। हर साल की तरह इस वर्ष भी प्रदेश सरकार ने सुनिश्चित किया है कि जरूरतमंद परिवारों को इस योजना का लाभ समय पर मिले, जिससे होली के त्यौहार की खुशियाँ और बढ़ जाएँ।

योजना का उद्देश्य

त्योहारों के दौरान रसोई का खर्च बढ़ जाता है, ऐसे में यह योजना सीधे आर्थिक राहत देती है। जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक मदद मिलेगी। उज्ज्वला योजना महिलाओं के नाम पर आधारित है, इसलिए लाभ सीधे परिवार की महिला को मिलता है। यह पहल पारंपरिक ईंधन (लकड़ी, कोयला) के बजाय एलपीजी का इस्तेमाल बढ़ाकर स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए लाभकारी है। स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ाना इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य है। 

योजना के तहत पात्र कौन होंगे?

केवल उज्ज्वला योजना के कनेक्शन वाले परिवार पात्र होंगे जिनके नाम पहले से पीएमयूवाई में दर्ज हैं। नई आवेदन करने वाले परिवार इस मुफ्त सिलेंडर का लाभ नहीं उठा पाएंगे। यानी, यदि परिवार में किसी महिला के पास पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है, तो वह मुफ्त सिलेंडर नहीं पाएगी। आवेदन करने वाली महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। उसी परिवार में किसी अन्य सदस्य का एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। महिला को आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होना आवश्यक है, और इसका प्रमाण निर्धारित घोषणा पत्र के माध्यम से देना होगा।

आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

* केवाईसी फॉर्म

* आधार कार्ड

* राशन कार्ड या परिवार का प्रमाण पत्र

* बैंक खाता विवरण

* पहचान और पता से संबंधित दस्तावेज

आवेदन करने के तरीके

नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर या आॅनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होता है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो, ताकि ग्रामीण और गरीब परिवार आसानी से इस योजना का लाभ उठा सकें। गरीब परिवारों की घर की रसोई का खर्च कम होगा। स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल पारंपरिक ईंधन के मुकाबले स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। एलपीजी का उपयोग प्रदूषण कम करता है। मुफ्त सिलेंडर मिलने से गरीब परिवारों के लिए होली का उत्सव और खास बन जाता है और त्योहार की खुशियाँ बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न सिर्फ गरीब परिवारों को वित्तीय राहत देती है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में भी मददगार है। होली जैसे अवसर पर यह योजना लाखों परिवारों के लिए त्यौहार की खुशियों को दोगुना कर सकती है।


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घर में लगा रखी थी नोट छापने की मशीन, किया बड़ा खेला

घर में लगाई गई नोट छापने की मशीन से नकली नोट छापकर पूरे उत्तर प्रदेश में सप्लाई किए जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर नकली नोट छापने वाले गिरोह को पकड़ लिया है।

नकली नोट चलाने का तरीका आया सामने
नकली नोट चलाने का तरीका आया सामने
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar25 Feb 2026 04:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के एक शहर में बाकायदा नोट छापने की मशीन लगी हुई थी। घर में लगाई गई नोट छापने की मशीन के द्वारा 500-500 रूपए के नोट छापने का बड़ा ‘‘खेला’’ किया जा रहा था। घर में लगाई गई नोट छापने की मशीन से नकली नोट छापकर पूरे उत्तर प्रदेश में सप्लाई किए जा रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर नकली नोट छापने वाले गिरोह को पकड़ लिया है।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के घर में छापे जा रहेर थे नोट

घर में नोट छापने की मशीन लगाकर नोट छापने का धंधा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में किया जा रहा था। बाजार में 500 रूपए का नकली नोट मिलने पर उत्तर प्रदेश पुलिस को शक हुआ तो पूरा ‘‘खेला’’ सामने आ गया। दरअसल हुआ यह कि उत्तर प्रदेश के नरौरा क्षेत्र के एक बाजार में सब्जी विक्रेता को 500-500 रुपये के संदिग्ध नोट दिए गए। दुकानदार को नोट की बनावट पर शक हुआ। जांच के बाद उसने थाना नरौरा में शिकायत दर्ज कराई. इसी आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर पड़ताल शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिंचाई विभाग कॉलोनी के पास घेराबंदी कर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। तलाशी में जो मिला, उसने पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ कर दी। उत्तर प्रदेश के पुलिस के मुताबिक आरोपी घर में ही प्रिंटर की मदद से 500 रुपये के नोट तैयार करते थे। बरामदगी में 12 हजार रुपये के तैयार नकली नोट और 14 हजार रुपये के अधछपे नोट मिले हैं। साथ ही एक प्रिंटर, घटना में प्रयुक्त स्पलेंडर प्लस बाइक (UP38 AJ 4785) और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि नोट छापने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के छोटे बाजारों, सब्जी की दुकानों और पशु पेंठ जैसे स्थानों पर चलाया जाता था, जहां नकदी का लेन-देन तेज होता है और नोटों की बारीकी से जांच कम होती है।

नोट छापने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपेन्द्र यादव, राकेश यादव और कुंवरपाल के रूप में हुई है। तीनों जनपद सम्भल के निवासी बताए जा रहे हैंं। पुलिस का कहना है कि ये शातिर प्रवृत्ति के हैं और सुनियोजित तरीके से ग्रामीण बाजारों को निशाना बना रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले बाजारों में 500 रुपये का नकली नोट देकर छोटे सामान की खरीदारी करते थे और बाकी रकम असली में वापस ले लेते थे। इस तरह धीरे-धीरे नकली नोट बाजार में खपाए जाते थे। एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर नोट छापने का डेमो भी दिखा, जिस पर सोशल मीडिया में कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वे रंगीन प्रिंटर का इस्तेमाल करते थे, ताकि नोट असली जैसे दिखें।

50 लाख के लोन की बडी योजना बना रहे थे नोट छापने वाले

उत्तर प्रदेश पुलिस की पूछताछ में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ, वह था भविष्य की योजना। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी भूपेन्द्र यादव के मन में प्रॉपर्टी के नाम पर 50 लाख रुपये का बैंक लोन लेने की योजना थी। आरोप है कि वे लोन की अदायगी नकली नोटों से करने का इरादा रखते थे। इसी क्रम में हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक में ‘श्री श्याम प्रॉपर्टी’ नाम से एक करंट खाता भी खुलवाया गया था। पुलिस अब बैंक खाते की गतिविधियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या लोन प्रक्रिया शुरू की गई थी या नहीं। बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, मैसेज और संभावित संपर्कों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय था। अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि नकली नोट ग्रामीण क्षेत्रों में खपाए जा रहे थे। आगे यह पता लगाया जा रहा है कि कितनी मात्रा में नोट बाजार में पहुंच चुके हैं और किन-किन इलाकों में इन्हें चलाया गया। देहात के बाजार भरोसे पर चलते हैं। एक दुकानदार ने कहा, हम हर नोट को मशीन में नहीं जांच सकते। दिनभर की मेहनत का पैसा अगर नकली निकल जाए तो भारी नुकसान होता है। फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में हैं. पुलिस नेटवर्क की गहराई, बाजार में पहुंचे नोटों की संख्या और बैंकिंग एंगल की जांच में जुटी है। UP News

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