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प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य में इस महाअभियान का पहला चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस बार की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी है, जिसमें डेटा संग्रह मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए किया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य में इस महाअभियान का पहला चरण 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक चलेगा। इस बार की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी है, जिसमें डेटा संग्रह मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए किया जाएगा। यह देश की स्वतंत्रता के बाद होने वाली आठवीं और कुल 16वीं जनगणना होगी, जिसमें तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। UP News
इस बार जनगणना प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। सभी गणनाकार डेटा को सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। इसके अलावा नागरिकों के लिए सेल्फ एन्यूमेरेशन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग स्वयं अपनी जानकारी आनलाइन भर सकेंगे। यह पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक सक्रिय रहेगा। UP News
जनगणना कार्य के लिए उत्तर प्रदेश में लगभग 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मी शामिल हैं। ये कर्मचारी प्रदेश के 75 जिले, 350 तहसीलें व 783 शहरी निकाय और लगभग 3.9 लाख हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में जाकर डेटा संग्रह करेंगे।
पहले चरण में घरों और परिवारों से संबंधित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें शामिल होंगे घर की स्थिति और प्रकार, बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं, संपत्ति और संसाधनों की जानकारी और परिवार के सदस्यों का विवरण देना होगा।
दूसरे चरण में जनसंख्या और जातिगत डेटा का विस्तृत संग्रह किया जाएगा। सरकार ने इस बार जनगणना में जातिगत डेटा को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। यह डेटा दूसरे चरण में एकत्र किया जाएगा, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सामाजिक और आर्थिक योजनाओं को अधिक सटीक बनाने में मदद करेगा। UP News
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