इस समारोह के सभी चरणों को अत्यंत सावधानी, विस्तृत योजना और उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ तैयार किया गया है। राम मंदिर पर प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में 25 नवंबर को होने वाला ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राष्ट्रीय गरिमा और परंपरा का अद्भुत संगम भी प्रस्तुत करेगा। इस समारोह के सभी चरणों को अत्यंत सावधानी, विस्तृत योजना और उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ तैयार किया गया है। राम मंदिर पर प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
ध्वजारोहण के लिए वैदिक ज्योतिषियों और परामर्श समितियों द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद 30 मिनट का श्रेष्ठ मुहूर्त तय किया गया है। ध्वजारोहण का मुख्य मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे तक का है। इसके साथ समग्र वैदिक प्रक्रियाएं सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी। इस अवधि में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और ध्वज को ऊंचाई पर स्थापित करने की पूरी विधि सम्पन्न होगी।
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा के अनुरूप ध्वज फहराने की प्रक्रिया को पूर्ण करेंगे। ध्वज फहराते ही परिसर में शंखनाद, ढोल-नगाड़ों की धुन, मंगल वाद्य, घंटे-घड़ियाल
इस भव्य आयोजन में देशभर से लगभग 8,000 विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। इनमें राजनीतिक नेतृत्व, धार्मिक संत, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार, वैज्ञानिक, और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख शामिल रहेंगे। सभी मेहमानों को सुबह 8:00 से 10:00 बजे के बीच प्रवेश करना होगा। ट्रस्ट ने उनके लिए भोजन, जलपान और विश्राम की व्यवस्थाएँ की हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन के दौरान उनके द्वारा एक रोड शो किए जाने की संभावना है। अंतिम फैसला एसपीजी की सुरक्षा समीक्षा के बाद होगा। इसके लिए दो प्रस्तावित मार्ग बनाए गए हैं। पहला सड़क मार्ग और दूसरा हवाई मार्ग से बनाया गया है।
1. सड़क मार्ग (12 किमी) से एयरपोर्ट, महोबरा बाजार, राम मंदिर वाला मार्ग होगा। जिसमें भीड़ और स्वागत कार्यक्रम होने की संभावना है। दोनों लेनों पर सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 नवंबर को तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंच सकते हैं। उनके आगमन के दौरान होगी।
* रामजन्मभूमि परिसर में समीक्षा बैठक
* पुलिस, प्रशासन और ट्रस्ट के पदाधिकारियों की उपस्थिति
* कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण
* सुरक्षा, यातायात, आतिथ्य व प्रबंधन की समीक्षा
* प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा को लेकर निर्देश
25 नवंबर को होने वाला राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों का एक प्रेरणादायक संगम बनकर सामने आएगा। 8,000 से अधिक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति, प्रधानमंत्री व संघ प्रमुख का ध्वजारोहण, कड़ी सुरक्षा, वैदिक परंपराओं का अनुपालन और पूरे शहर की त्योहारी सजावट के साथ अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है
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