प्रिया का मुख्य उद्देश्य अपने बेटे के भविष्य को सुरक्षित करना और यह सुनिश्चित करना था कि विजय उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करें। बताया गया है कि अपने बच्चे की स्थिरता के लिए प्रिया दूसरी पत्नी के रूप में रहने के लिए भी तैयार थीं।

पुलिस ने मुंबई में रहने वाले विजय, उसकी पत्नी संध्या और ससुर रामबिलास को हिरासत में लिया। आरोप है कि घर में बढ़ रहे कलह और प्रिया की धमकियों से बचने के लिए विजय और संध्या ने मिलकर हत्या की साजिश रची। हत्या के तरीके और सबूत मिटाने की कोशिशों से यह स्पष्ट होता है कि यह अपराध सोच-समझकर किया गया। अदालत में इसे गंभीर अपराध के रूप में देखा जा सकता है।
समाज में पितृसत्तात्मक संरचना और सामाजिक दबाव ऐसे मामलों में हिंसा को जन्म दे सकते हैं। अवैध या सामाजिक रूप से स्वीकृत नहीं होने वाले संबंध अक्सर तनाव और हिंसात्मक परिणामों में बदल जाते हैं। यह हत्या सिर्फ व्यक्तिगत झगड़े का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, मानसिक और पारिवारिक दबावों का भी योगदान था। अपराध की योजना, पहचान छिपाने का तरीका और आरोपी की मानसिकता इसे गंभीर और सोच-समझकर किया गया अपराध बनाते हैं।्म