रेस वॉकर प्रियंका गोस्वामी 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। टोक्यो-पेरिस ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली से जुड़ी स्टार रेस वॉकर प्रियंका गोस्वामी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में ओएसडी स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत प्रियंका गोस्वामी 20वें एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा होंगी। प्रियंका के एशियाई खेलों में चयन की खबर से रेलवे परिवार और बरेली के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। रेस वॉक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकीं प्रियंका ने पिछले वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई है। प्रियंका गोस्वामी ने रेस वॉकिंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वह भारत की ओर से टोक्यो ओलंपिक और पेरिस ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं। 2022 में बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रियंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। उनकी खेल उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। प्रियंका गोस्वामी भारत की उन एथलीटों में शामिल हैं जिन्होंने ओलंपिक स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है। टोक्यो के बाद पेरिस ओलंपिक में भी उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स प्रियंका के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। रेस वॉक स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था।
प्रियंका गोस्वामी का खेल सफर वर्ष 2012 में मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम से शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में उन्होंने जिम्नास्टिक का प्रशिक्षण लिया, लेकिन बाद में एथलेटिक्स की ओर रुख किया। एथलेटिक्स में आने के बाद उन्होंने रेस वॉक को अपनी मुख्य स्पर्धा बनाया और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ती चली गईं। प्रियंका ने शुरुआत जिम्नास्टिक से की थी। बाद में उन्होंने एथलेटिक्स को चुना और रेस वॉक में अपना करियर बनाने का फैसला किया। जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रियंका के प्रदर्शन ने उनके भविष्य की संभावनाओं को सामने रखा। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारी जारी रखी। UP News:
खेल करियर के दौरान प्रियंका गोस्वामी को कई बार चोटों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अभ्यास और प्रतियोगिताओं का सिलसिला जारी रखा। लगातार मेहनत और प्रशिक्षण के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई। उनकी कहानी खेल में संघर्ष और निरंतर प्रयास की मिसाल के तौर पर देखी जाती है। प्रियंका एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके खेल करियर में माता-पिता और छोटे भाई का लगातार सहयोग रहा। परिवार के समर्थन और उनके खुद के अनुशासन ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की। 20वें एशियाई खेलों से पहले प्रियंका गोस्वामी ने बेंगलुरु में प्रशिक्षण किया। प्रतियोगिता के लिए वह अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे रही हैं।
प्रियंका गोस्वामी के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने से पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल का नाम भी अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर पहुंचेगा। बताया गया है कि प्रियंका इज्जतनगर मंडल से एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाली तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनके चयन से रेलवे परिवार और स्थानीय खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। प्रियंका के एशियाई खेलों में चयन की खबर के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल से जुड़े कर्मचारियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पिछले प्रदर्शन को देखते हुए बरेली के खेल प्रेमियों की नजर प्रियंका के एशियाई खेलों के प्रदर्शन पर रहेगी। UP News:
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