UP News: जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने की थी जो फिलहाल जेल में बंद हैं। यूनिवर्सिटी की स्थापना 2006 में उत्तर प्रदेश विधानसभा की ओर से पारित एक अधिनियम के तहत की गई थी।

UP News: रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान के मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाली मुख्य सड़क को सार्वजनिक सड़क घोषित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी के मेन गट ‘साइन बोर्ड’ लगा दिया है कि यह सड़क आम जनता के आनेजाने के लिए खुली है।
पीटीआई भाषा के मुताबिक यह तीन किलोमीटर लंबी, चार लेन वाली सीमेंट-कंक्रीट सड़क है। इसका निर्माण अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में 2016-17 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने किया था। निर्माण पर लगभग 17.16 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
क्या कहा प्रशासन ने?
रिपोर्ट के मुताबिक पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर किशन वीर सिंह ने कहा कि विभाग ने अब इस सड़क पर ‘‘आम रास्ता’’ दर्शाने वाले बोर्ड लगा दिए हैं, जिससे आम लोगों को इस मार्ग पर बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की अनुमति मिल गई है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 2019 में गेट बंद कर दिया था, जिससे सड़क पर आवाजाही प्रतिबंधित हो गई, जिसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किया। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया।
सिंह ने कहा, ‘‘यह सरकारी पैसे से बनाई गई सड़क है। यह लालपुर बांध तक जाती है और आम जनता के उपयोग के लिए है। जनता का कोई भी सदस्य सड़क इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र है। यह सड़क सरकार की है और इसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग करता है।
यूनिवर्सिटी का इतिहास
जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने की थी जो फिलहाल जेल में बंद हैं। यूनिवर्सिटी की स्थापना 2006 में उत्तर प्रदेश विधानसभा की ओर से पारित एक अधिनियम के तहत की गई थी। बाद में इस प्रोजेक्ट को भूमि पर कथित अवैध कब्जे और पट्टे की शर्तों के उल्लंघन से जुड़े कई कानूनी विवादों का सामना करना पड़ा। 2026 की शुरुआत में आजम खान और उनका परिवार औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले ट्रस्ट से अलग हो गए थे।
जौहर यूनिवर्सिटी पर ये अकेला ही संकट नहीं है। 15 जुलाई को यह खबर आई कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित बताते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शहरी योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत विस्तृत सुनवाई और अभिलेखों की जांच के बाद विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया।
विज्ञापन