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मुरादाबाद में बिजली विभाग से जुड़ा एक मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। दलपतपुर बिजलीघर में एक संविदा मीटर रीडर पर 25 हजार रुपये हड़पने के आरोप लगे, जिसके बाद उसके साथ हुई कथित कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

UP News : मुरादाबाद में बिजली विभाग से जुड़ा एक मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। दलपतपुर बिजलीघर में एक संविदा मीटर रीडर पर 25 हजार रुपये हड़पने के आरोप लगे, जिसके बाद उसके साथ हुई कथित कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। UP News
मीटर रीडर रानू कुमार पर आरोप है कि उसने एक उपभोक्ता से बिजली बिल जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये लिए, लेकिन रकम सरकारी खाते में जमा करने के बजाय कथित तौर पर फर्जी रसीद थमा दी। कुछ दिनों बाद जब उपभोक्ता को दोबारा बकाया भुगतान का संदेश मिला, तो उसे शक हुआ और मामला खुल गया। UP News
इसके बाद उपभोक्ता ग्रामीणों के साथ मीटर रीडर को पकड़कर बिजली विभाग के एसडीओ कार्यालय ले गया। आरोप है कि वहां एसडीओ की मौजूदगी में उसे दफ्तर के बाहर करीब आधे घंटे तक मुर्गा बनाकर बैठाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। UP News
वीडियो ने बढ़ाया विवादवायरल वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। लोग जहां मीटर रीडर पर लगे आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विभागीय कार्रवाई के तरीके पर भी गंभीर बहस शुरू हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सियासी गलियारों तक पहुंच गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करते हुए सरकार और बिजली विभाग पर तीखा हमला बोला। उनके बयान के बाद विपक्ष ने भी पूरे सिस्टम पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मीटर रीडर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और जांच शुरू कर दी गई है। चीफ इंजीनियर अशोक कुमार चौरसिया के अनुसार, एसडीओ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। UP News
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