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उत्तर प्रदेश आबादी के मामले में भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश की एक से बढक़र एक विशेषता इस प्रदेश को भारत का सबसे खास प्रदेश बनाती है। इस सबके बीच यह परम सत्य है कि उत्तर प्रदेश के जिस भाग को पूर्वांचल के रूप में जाना जाता है वह भाग उत्तर प्रदेश का सबसे खास क्षेत्र है।

UP News : उत्तर प्रदेश आबादी के मामले में भारत का सबसे बड़ा प्रदेश है। उत्तर प्रदेश की एक से बढक़र एक विशेषता इस प्रदेश को भारत का सबसे खास प्रदेश बनाती है। इस सबके बीच यह परम सत्य है कि उत्तर प्रदेश के जिस भाग को पूर्वांचल के रूप में जाना जाता है वह भाग उत्तर प्रदेश का सबसे खास क्षेत्र है। पूर्वांचल को जाने बिना कोई भी व्यक्ति उत्तर प्रदेश को ठीक से नहीं जान सकता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम पूर्वांचल का पूरा परिचय आपको बता रहे हैं।UP News
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का पूरा अर्थ पूर्वांचल नाम में ही छिपा हुआ है। पूर्वांचल शब्द का बिल्कुल स्पष्ट अर्थ है ‘‘पूर्व दिशा का अंचल”। यानि कि पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारिक तौर पर पूर्वांचल कोई प्रदेश, मंडल अथवा जिला नहीं है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित लगभग 20 जिलों को मिलाकर पूर्वांचल कहा जाता है। पूर्वांचल कहने का प्रचलन पूर्वी उत्तर प्रदेश की भाषा, संस्कृति तथा सभ्यता के आधार पर हुआ है। UP News
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की कोई सीमा अधिकारिक तौर पर निर्धारित नहीं की गई है। उत्तर प्रदेश के लगभग 20 जिलों के क्षेत्र को पूर्वांचल के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से पूर्वांचल में वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज के कुछ हिस्से और उसके आसपास के जिले पूर्वांचल में गिने जाते हैं। UP News
उत्तर प्रदेश की तरह से ही ‘पूर्वांचल’ का इतिहास भी काफी प्राचीन है और पूर्वांचल में शामिल जिला वाराणसी को दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में गिना जाता है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश दिया था। वहीं कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ। उत्तर प्रदेश के ‘पूर्वांचल’ की सबसे बड़ी पहचान यहां बोल—चाल में शामिल बोली (भाषा) हैं जिसमें भोजपुरी, अवधी और पूर्वी हिंदी का मेल है। इसके साथ ही लोकगीत, बिरहा, कजरी और चैता जैसे लोकसंगीत ने इस क्षेत्र को सांस्कृतिक रूप से बहुत ही समृद्ध बनाने में योगदान दिया है। UP News
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी ‘पूर्वांचल’ की अहम भूमिका मानी जाती है। ‘पूर्वांचल’लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है। कई बड़े नेता इसी क्षेत्र से निकले और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध नेता लाल बहादुर शास्त्री, चंद्र शेखर, तथा मुलायम सिंह यादव जैसे खास चेहरे शामिल हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों के दौरान पूर्वांचल की सीटों को बेहद अहम माना जाता है। इन सभी कारणों से पूर्वांचल सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है। अनेक बार पूर्वांचल को अलग प्रदेश बनाने की मांग उठाई गई है। इस बात की कल्पना करना बहुत ही मुश्किल है कि पूर्वांचल के बिना उत्तर प्रदेश कैसा होगा। UP News
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