रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रशासन की जांच में सामने आई लापरवाही के बाद अब बड़ा कदम उठाया गया है। पढ़े पूरी खबर।

UP News:रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने पंचायत सचिव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। शेष बचे फर्जी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने में देरी होने पर संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने दो दिन के भीतर सभी लंबित प्रमाण पत्रों को निरस्त करने का निर्देश दिया है। UP News
दरअसल, वर्ष 2024 में रायबरेली की सलोन तहसील की 12 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया था। एनआईए और एसटीएफ की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ था कि इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल बांग्लादेशी नागरिकों समेत महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के लोगों के नाम पर भी किया गया था। एक संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। मामले में एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव विजय यादव और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने में कथित रूप से शामिल निजी सेंटर संचालक जीशान को गिरफ्तार किया था। UP News
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जिले में जारी किए गए 53 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद से ही इन प्रमाण पत्रों को रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत प्रमाण पत्र निरस्त करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव के पास ओटीपी पहुंचती है। ऐसे में पंचायत सचिव के सहयोग के बिना निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। UP News
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) विनय सिंह के मुताबिक, अब तक बड़ी संख्या में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र निरस्त किए जा चुके हैं। फिलहाल करीब 6,000 प्रमाण पत्र निरस्त होना बाकी हैं। ये सभी प्रमाण पत्र पहलीपुर ग्राम पंचायत से जारी किए गए थे। इस काम में देरी को लेकर संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले दो दिनों के भीतर शेष सभी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराया जाए। तय समय में कार्रवाई पूरी नहीं होने पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। UP News
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