रायबरेली ने CM डैशबोर्ड की विकास रैंकिंग में 25 पायदान की छलांग लगाकर 39वां स्थान हासिल किया है। हालांकि कई योजनाओं में 'सी' और 'डी' ग्रेड चिंता का कारण बने हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले ने शासन की ओर से जारी CM डैशबोर्ड विकास रैंकिंग में शानदार सुधार दर्ज किया है। विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति के आधार पर जिले ने एक महीने में 25 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। 64वें स्थान पर चल रहा रायबरेली अब प्रदेश में 39वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रशासन इस उपलब्धि को लगातार समीक्षा बैठकों और विभागीय अधिकारियों पर कड़ी निगरानी का परिणाम मान रहा है। रायबरेली की इस प्रगति के साथ ही राजस्व विभाग ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। राजस्व विभाग को छठा स्थान, जबकि संयुक्त रैंकिंग में जिले को 13वां स्थान मिला है। रैंकिंग में सुधार से प्रशासनिक स्तर पर संतोष जरूर है, लेकिन रिपोर्ट ने कुछ विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए हैं। कई महत्वपूर्ण योजनाओं में जिले को अभी भी 'सी' और 'डी' ग्रेड से संतोष करना पड़ा है।
जिले में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार समीक्षा की जा रही है। हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई थी। बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कई विभागों के प्रदर्शन में सुधार दिखाई दिया, जिसका सीधा असर जिले की CM डैशबोर्ड रैंकिंग पर पड़ा।
रैंकिंग में रायबरेली की बड़ी छलांग के बावजूद कुछ विभागों का प्रदर्शन प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण संबंधित विभाग को 'डी' ग्रेड मिला है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ नहीं मिलने की स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण अभियान का प्रचार-प्रसार भी अपेक्षित स्तर पर नहीं पाया गया। इसके चलते विभाग को 'डी' ग्रेड मिला है। ऐसे में जिले की समग्र रैंकिंग बेहतर होने के बावजूद इन योजनाओं का कमजोर प्रदर्शन प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही हर घर नल योजना की स्थिति भी रैंकिंग में चिंता का कारण बनी है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को इस योजना में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने पर 'सी' ग्रेड मिला है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाना है, लेकिन कई स्थानों पर लोगों को अभी भी नियमित नल का पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को हैंडपंप और दूसरे पारंपरिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
लोक शिकायत विभाग के अंतर्गत आने वाले निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति भी रैंकिंग में सामने आई है। निर्माण कार्यों की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने के कारण संबंधित विभाग 'सी' ग्रेड में रहा। वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रदर्शन पर भी सवाल उठे हैं। नई सड़कों और पुलों से जुड़े कार्यों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई देने के कारण विभाग को 'बी' ग्रेड मिला है। पर्यटन की राज्य योजना को भी 'बी' ग्रेड प्राप्त हुआ है। इसके अलावा जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग को फैमिली आईडी योजना में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने पर 'सी' ग्रेड मिला है। कुल मिलाकर रायबरेली ने CM डैशबोर्ड की विकास रैंकिंग में 64वें से 39वें स्थान तक पहुंचकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हालांकि, सामूहिक विवाह, पोषण अभियान, ग्रामीण जलापूर्ति, निर्माण कार्य और फैमिली आईडी जैसी योजनाओं में कमजोर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि जिले को अपनी रैंकिंग और बेहतर करने के लिए अभी कई मोर्चों पर काम करना होगा। UP News:
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