नवरात्र के दौरान रायबरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहां छापा मारा और 463 लीटर तेल क्यों सीज किया? फल मंडी के करीब 10 थोक कारोबारियों को नोटिस क्यों जारी हुए? जानिए साहू ट्रेडर्स से लेकर फ्रूट रिपनिंग चैंबर तक हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी और विभाग ने आगे क्या चेतावनी दी।

UP News : नवरात्र के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में विभागीय टीमों ने तेल विक्रेता, फल मंडी के थोक कारोबारियों और कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। लालगंज में एक दुकान से 463 लीटर रिफाइंड राइस ब्रान तेल सीज किया गया, जिसकी कीमत 66,361 रुपये बताई गई है। इसके अलावा फलों को रसायनों से पकाने की आशंका और साफ-सफाई से जुड़ी कमियों को लेकर कई कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। खाद्य आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने लालगंज के बक्शी चौराहा स्थित साहू ट्रेडर्स की दुकान पर छापा मारा। दुकान के संचालक का नाम सच्चे लाल साहू बताया गया है। जांच के दौरान रिफाइंड राइस ब्रान तेल संदिग्ध प्रतीत होने पर विभाग ने उसका नमूना लिया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद 463 लीटर तेल को सीज कर दिया गया। विभाग के अनुसार, सीज किए गए तेल की कीमत 66,361 रुपये है। इस मामले में दुकान संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है। तेल की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विभाग की कार्रवाई संदिग्ध तेल के नमूने और उपलब्ध स्टॉक को लेकर की गई है। UP News :
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रायबरेली शहर की फल मंडी में भी जांच अभियान चलाया। यहां करीब 10 थोक विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित या नियमों के विरुद्ध रसायनों का इस्तेमाल न किया जाए। त्योहारों के दौरान फलों की मांग बढ़ने के कारण उनकी गुणवत्ता और सुरक्षित तरीके से पकाने की प्रक्रिया पर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। विभाग ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित दूसरी टीम ने शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। देवानंदपुर स्थित युवराज फ्रूट एंड रिपनिंग चैंबर में खामियां मिलने पर संचालक को नोटिस जारी किया गया। वहीं, किशुनपुर स्थित अनिल फ्रूट ट्रेडिंग कंपनी में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मेसर्स दाताराम फ्रूट कंपनी और केजीएन फ्रूट कंपनी के संचालकों को भी अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की ओर से की गई इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। UP News :
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान आगे भी चलाया जाएगा। नवरात्र के दौरान विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि तेल, फल और अन्य खाद्य सामग्री के भंडारण, गुणवत्ता तथा साफ-सफाई में लापरवाही पर विभाग कार्रवाई कर सकता है। UP News :
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