रायबरेली में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से डलमऊ और गेगासो के गंगा घाट प्रभावित हो गए हैं। घाटों पर पंडा-पुजारियों की चौकियां पानी में डूब गई हैं और किनारे की दुकानों में भी पानी पहुंचने लगा है।

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। पहाड़ी और ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। सरेनी और डलमऊ क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने घाटों और आसपास के इलाकों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
गेगासो और डलमऊ के प्रमुख गंगा घाटों पर पानी तेजी से फैल रहा है। घाटों पर पंडा-पुजारियों के बैठने वाली चौकियां पानी में डूब गई हैं। वहीं, घाट किनारे मौजूद दुकानों में भी पानी पहुंचने लगा है। दुकानदार सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण सरेनी क्षेत्र का गेगासो और डलमऊ का मुख्य गंगा घाट प्रभावित हुआ है। घाटों पर पानी बढ़ने से सामान्य गतिविधियां बाधित हो गई हैं।
गेगासो स्थित प्रसिद्ध मां संकटा धाम के आसपास भी पानी का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। घाटों पर पंडा-पुजारियों के लिए बनी चौकियां पानी में डूब चुकी हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।
गंगा का पानी घाट के आसपास बनी दुकानों तक पहुंचने लगा है। पानी बढ़ता देख दुकानदारों ने अपनी दुकानों से सामान निकालना शुरू कर दिया है। कई दुकानदार सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
स्थानीय लोगों के लिए चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है और आसपास के तटवर्ती क्षेत्रों पर इसका असर लगातार दिखाई दे रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे गंभीर असर अंतिम संस्कार की व्यवस्था पर पड़ा है। गेगासो और डलमऊ के घाटों पर दाह-संस्कार के लिए इस्तेमाल होने वाले स्थानों में पानी भर गया है।
इससे शवों का अंतिम संस्कार करने पहुंच रहे परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण इन घाटों पर पानी भरने से लोगों के सामने अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
गंगा का बढ़ता पानी सरेनी और डलमऊ ब्लॉक के करीब दो दर्जन गांवों के मुहाने तक पहुंचने की जानकारी है। फिलहाल पानी गांवों के भीतर प्रवेश नहीं करने की बात सामने आई है, लेकिन गांवों के आसपास पानी पहुंचने से ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तटवर्ती गांवों के लोग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें तटवर्ती इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है।
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गंगा के जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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