रायबरेली में आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सरकार की नीतियों, शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों, रोजगार और छात्रों के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए। विकास भवन में आयोजित सभा में उन्होंने शिक्षा के निजीकरण, स्कूलों में शिक्षक-लैब-लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति और छात्रावास जैसे मुद्दे उठाए।

UP News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सरकार की नीतियों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। विकास भवन परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा, रोजगार, छात्रों के अधिकार और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े करते हुए आम लोगों और युवाओं से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। UP News
उत्तर प्रदेश के रायबरेली के विकास भवन परिसर में आयोजित विशाल जनसभा को आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। नेहा बोरा ने जनसभा में कहा कि वर्तमान शासनकाल में महिलाओं के साथ तिरस्कार और आम जनता के अधिकारों के हनन की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने प्रदेश के मौजूदा माहौल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि न्याय और समानता की उम्मीदों को मजबूत करने के लिए लोगों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का समय आ गया है। उन्होंने लोगों से डरने के बजाय अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। UP News
आइसा (AISA) अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब बच्चों के लिए सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है और इसका सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शिक्षा और रोजगार की ऐसी व्यवस्था की जरूरत बताई जिसमें छात्र और युवा केंद्र में हों। 17 सितंबर को रायबरेली पहुंची उनकी ‘Gen-Z महाजुटान यात्रा’ के दौरान उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था छात्रों और युवाओं को केंद्र में रखने के बजाय निजीकरण को प्राथमिकता देती है, तो उसमें बदलाव की जरूरत है। UP News
रायबरेली में नेहा बोरा ने सरकारी स्कूलों को बचाने और स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने स्कूलों में शिक्षक, लैब और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत बताई। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के जरिए शिक्षा के निजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनका संगठन स्कूलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। UP News
नेहा बोरा ने छात्रों की बुनियादी जरूरतों का भी मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक स्कूलों में बेंच और लैब तथा विश्वविद्यालयों में छात्रवृत्ति और छात्रावास जैसी सुविधाएं छात्रों के लिए जरूरी हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की समस्याओं का भी उल्लेख किया और कहा कि आइसा (AIS) छात्रों और युवाओं की आवाज को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है। UP News
रायबरेली पहुंची यह यात्रा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत प्रयागराज से हुई और यह वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या/फैजाबाद और लखनऊ होते हुए रायबरेली पहुंची। इसके बाद यात्रा के लखनऊ और अलीगढ़ तक जाने की जानकारी दी गई है। यात्रा के दौरान आइसा (AISA) की ओर से शिक्षा और रोजगार को छात्रों के संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए विभिन्न मुद्दे उठाए जा रहे हैं। UP News
रायबरेली के विकास भवन परिसर में आयोजित विशाल जनसभा में आइसा (AISA) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने शिक्षकों के रिक्त पदों और भर्ती का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं। साथ ही विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों को लेकर भी सवाल उठाए गए। ये दावे संगठन के पदाधिकारियों की ओर से किए गए हैं। UP News
कार्यक्रम के दौरान आइसा (AISA) कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और छात्र-युवा एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर विजय विद्रोही, रामबिलास सहित आइसा के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा, रोजगार और मौलिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद करने की अपील की। रायबरेली में आयोजित कार्यक्रम के साथ जेन-जी महाजुटान यात्रा के जरिए छात्र और युवा मुद्दों को आगे उठाने की बात कही गई। UP News
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