रायबरेली पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में धनंजय सिंह उर्फ जीतू सिंह को दोषी ठहराया। कोर्ट ने सात साल के कठोर कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

UP News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (प्रथम) की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला वर्ष 2022 का है। क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग किशोरी के साथ आरोपी युवक धनंजय सिंह उर्फ जीतू सिंह पर बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर संबंधित थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए और वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद मामले की न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। विशेष लोक अभियोजक ने अदालत के सामने पीड़िता के बयान, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट के साथ पुलिस की ओर से जुटाए गए फॉरेंसिक और अन्य भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष की ओर से आरोपी को निर्दोष बताते हुए दलीलें दी गईं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सीय रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। अदालत ने धनंजय सिंह उर्फ जीतू सिंह को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। इसके बाद कोर्ट ने उसे सात वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत का फैसला आने के बाद दोषी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की विवेचना और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। UP News :
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