रायबरेली की ऊंचाहार देहात ग्राम पंचायत में अंतिम जांच के दौरान 6.88 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। प्रशासन ने प्रधान से अधिकार वापस लेकर बीडीओ को प्रशासक बनाया है और ग्राम विकास अधिकारी पर एफआईआर व वसूली के निर्देश दिए हैं।

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की ऊंचाहार देहात ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के इस्तेमाल में करीब 6.88 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान से प्रशासक का अधिकार वापस ले लिया है। ऊंचाहार के खंड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नियुक्त किया गया है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित धनराशि की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। UP News
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विधानसभा की याचिका समिति के निर्देश पर कराई गई अंतिम जांच के बाद हुई है। विकास कार्यों की जांच के लिए गठित कमेटी ने उपलब्ध अभिलेखों और मौके पर कराए गए सत्यापन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। जांच के दौरान 104 कार्यों से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिसके कारण इन कार्यों की पूरी तरह जांच नहीं हो सकी।
जांच के दौरान इंटरलॉकिंग और खड़ंजा निर्माण से जुड़े कार्यों में 1,99,532 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इसके अलावा हैंडपंप स्थापना, रीबोर और प्लेटफार्म निर्माण से संबंधित कार्यों में 4,88,679 रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। इस तरह अंतिम जांच में कुल 6,88,211 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
अंतिम जांच में तत्कालीन ग्राम प्रधान/प्रशासक धनराज यादव और ग्राम विकास अधिकारी रुद्र प्रताप सिंह को वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच में राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग से संबंधित कार्यों के अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी सामने आई। ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित धनराशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू करने को कहा गया है।UP News
प्रशासन ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से वित्तीय अनियमितता की राशि आधी-आधी वसूलने के आदेश दिए हैं। वहीं ग्राम प्रधान से प्रशासक का अधिकार वापस लेकर ऊंचाहार खंड विकास अधिकारी को नया प्रशासक नियुक्त किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पंचायत महकमे में खलबली मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में सरकारी धन के इस्तेमाल में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। UP News
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