रायबरेली में रेलवे ट्रैक के पास बैठी महिला की नीलांचल एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप की भी जांच हो रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला में एक दर्दनाक रेल हादसे ने मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक के किनारे बैठी एक महिला को बचाने के बजाय उसकी तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का आरोप है। इसके कुछ ही देर बाद महिला ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना रविवार शाम करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बछरावां से रायबरेली की ओर आ रही नीलांचल एक्सप्रेस के दौरान एक महिला रेलवे ट्रैक के पास बैठी थी। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह बात सामने आई है कि महिला को खतरे से हटाने के बजाय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीर खींची और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। UP News:
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि महिला वास्तव में रेलवे ट्रैक के बेहद करीब बैठी थी तो उसे बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया। तस्वीर खींचने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप ने घटना को और गंभीर बना दिया है। यह मामला सोशल मीडिया पर तस्वीर या वीडियो बनाने की होड़ के बीच मानवीय संवेदनशीलता को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, महिला के ट्रैक तक पहुंचने और हादसे से पहले वहां मौजूद लोगों की वास्तविक भूमिका की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। UP News :
हादसे की सूचना मिलने के बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतका के पास मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान की गई। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र के लोहरामऊ निवासी मीनाक्षी यादव (35), पत्नी वीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। जीआरपी ने मोबाइल के जरिए परिजनों को हादसे की जानकारी दी।
जीआरपी थानाध्यक्ष सचिन कुमार के मुताबिक, शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि महिला रेलवे ट्रैक के पास किन परिस्थितियों में पहुंची थी और हादसे के पीछे क्या वजह रही। पुलिस महिला की मौत के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही, महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।UP News:
रायबरेली की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी व्यक्ति को संकट में देखकर सबसे पहले मदद करनी चाहिए या उसकी तस्वीर और वीडियो बनानी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे से पहले घटनास्थल पर क्या हुआ था और महिला को बचाने का कोई प्रयास किया गया था या नहीं। जीआरपी पूरे मामले के तथ्यों को जुटाने में लगी है। UP News:
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