राहत इंदौरी के वो शेर जिन्हें बार-बार पढ़ते हैं लोग

साहित्य के साथ-साथ शिक्षा जगत में भी उनकी पहचान रही, वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में उर्दू साहित्य के प्राध्यापक रहे। 11 अगस्त 2020 को हृदयाघात से उनका निधन हुआ, लेकिन उनके शब्द आज भी उतनी ही शिद्दत से जिंदा हैं।

बार-बार पढ़े जाने वाले राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर

बार-बार पढ़े जाने वाले राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर

locationउत्तर प्रदेश
userAbhijeet Yadav
calendar09 Jan 2026 01:43 PM
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