हरदोई को नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2014 बैच के IAS अधिकारी राहुल पांडेय को DM बनाया गया है। जानें उनका UPSC सफर और प्रशासनिक अनुभव।

उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। इसी क्रम में 2014 बैच के आईएएस अधिकारी राहुल पांडेय को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का नया जिलाधिकारी (DM) बनाया गया है। राहुल पांडेय इससे पहले उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव, राज्य कर विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हरदोई के मौजूदा जिलाधिकारी अनुनय झा को अब मुरादाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं राज्य कर विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात राहुल पांडेय को हरदोई की प्रशासनिक कमान सौंपी गई है।
राहुल पांडेय का प्रशासनिक सफर खासा दिलचस्प रहा है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 52वीं रैंक हासिल की थी। राहुल पांडेय ने UPSC की परीक्षा में एक से अधिक बार सफलता हासिल की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वर्ष 2011 में उन्होंने 106वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयन प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने दो प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद तैयारी जारी रखी और वर्ष 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में 52वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर IAS सेवा में जगह बनाई। वह 2014 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं। शुरुआत में उन्हें AGMUT कैडर मिला था और बाद में इंटर-कैडर डेपुटेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश कैडर में आए।
राहुल पांडेय का संबंध गाजियाबाद से बताया जाता है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाजियाबाद में हुई। उन्होंने नेहरू पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल तथा छबीलदास पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने वैष्णो देवी कटरा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उपलब्ध प्रोफाइल के मुताबिक उन्हें इंजीनियरिंग की पढ़ाई में गोल्ड मेडल भी मिला था।
IAS सेवा में आने के बाद राहुल पांडेय ने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उन्होंने सहारनपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में काम किया। इसके बाद संतकबीरनगर और गोरखपुर में भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 में उन्हें बहराइच का मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया। शासन स्तर पर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा वह वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
राहुल पांडेय को जिलाधिकारी के तौर पर काम करने का भी लंबा अनुभव है। सितंबर 2023 में उन्हें हमीरपुर का जिलाधिकारी बनाया गया था। हमीरपुर में उनके कार्यकाल के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा। शिकायतों के निस्तारण में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा था। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्हें हाथरस का जिलाधिकारी बनाया गया। उन्होंने 14 सितंबर 2024 को हाथरस के डीएम का कार्यभार संभाला था। हाथरस में उनके कार्यकाल के दौरान जुलाई 2024 की सत्संग भगदड़ के बाद की प्रशासनिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण रहीं।
करीब एक वर्ष हाथरस के जिलाधिकारी रहने के बाद अक्टूबर 2025 में राहुल पांडेय का तबादला शासन स्तर पर किया गया। उन्हें विशेष सचिव, राज्य कर की जिम्मेदारी दी गई। इस पद पर करीब एक वर्ष काम करने के बाद अब शासन ने उन्हें फिर से जिले की कमान सौंपी है। सोमवार रात जारी तबादला सूची में राहुल पांडेय को हरदोई का जिलाधिकारी बनाया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार के ताजा प्रशासनिक फेरबदल में कुल 34 IAS अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इनमें हरदोई, मुरादाबाद, कानपुर नगर, एटा, अमेठी, कुशीनगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर सहित 14 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं।
हरदोई के मामले में बदलाव इस प्रकार हुआ है—
अनुनय झा — जिलाधिकारी, हरदोई से जिलाधिकारी, मुरादाबाद
राहुल पांडेय — विशेष सचिव, राज्य कर से जिलाधिकारी, हरदोई
इस फेरबदल में राहुल पांडेय उन अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें शासन स्तर की विशेष सचिव की जिम्मेदारी से सीधे जिले की कमान दी गई है।
हरदोई जैसे बड़े जिले में नए जिलाधिकारी के सामने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, विकास योजनाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, जनसुनवाई और आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण जिलाधिकारी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं। राहुल पांडेय के पास पहले से दो जिलों—हमीरपुर और हाथरस—में जिलाधिकारी के रूप में काम करने का अनुभव है। इसके अलावा शासन और विकास प्राधिकरण में काम करने के कारण उन्हें फील्ड प्रशासन के साथ-साथ शासन स्तर की कार्यप्रणाली का भी अनुभव रहा है। अब हरदोई में इसी अनुभव के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनके सामने होगी।
राहुल पांडेय की नई तैनाती ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। 14 जिलों के डीएम बदले जाने के साथ शासन स्तर पर भी कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। ताजा फेरबदल को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले की प्रशासनिक तैयारियों के संदर्भ में भी देखा गया है; हालांकि आधिकारिक तबादला आदेश में अधिकारियों की नई तैनाती और जिम्मेदारियां ही दर्ज हैं। राहुल पांडेय के रूप में हरदोई को ऐसा जिलाधिकारी मिला है, जिसे UPSC में 52वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल करने से लेकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, CDO, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दो जिलों के जिलाधिकारी और शासन में विशेष सचिव जैसे पदों पर काम करने का अनुभव है। अब देखना होगा कि हरदोई में उनकी प्रशासनिक कार्यशैली किस तरह सामने आती है।
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