रायबरेली के बछरावां रेलवे स्टेशन पर करीब सात करोड़ रुपये की लागत से हुए कायाकल्प के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गुरुवार तड़के स्टेशन के पोर्च में टिकट विंडो के पास लगी फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में अमृत भारत योजना के तहत करीब सात करोड़ रुपये की लागत से संवारे गए बछरावां रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार तड़के स्टेशन के पोर्च में टिकट विंडो के पास लगी फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के समय वहां यात्री मौजूद थे, जिन्होंने समय रहते वहां से हटकर अपनी जान बचाई। सीलिंग गिरने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के कारण प्लेटफार्म की ओर चले गए। बछरावां रेलवे स्टेशन पर करीब दो साल तक निर्माण कार्य चला था। करीब सात करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का कायाकल्प किया गया और लगभग तीन महीने पहले ही निर्माण कार्य पूरा हुआ था। खास बात यह है कि स्टेशन के आधुनिक स्वरूप का अभी आधिकारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है। इससे पहले ही फॉल सीलिंग गिरने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद दैनिक यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेशन का कायाकल्प कराया गया है तो इतनी कम अवधि में निर्माण का हिस्सा गिरना गंभीर विषय है। दैनिक यात्रियों पंकज, राहुल, अभिषेक, शिवनंदन, मनोज कुमार, लवकुश और ओम प्रकाश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाती तो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।
बछरावां रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्यों से जुड़ी खामियां पहले भी सामने आने की बात कही जा रही है। यात्रियों के मुताबिक करीब एक महीने पहले साइकिल स्टैंड का मुख्य गेट उखड़ गया था। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर एक पर लगाए गए ग्रेनाइट पत्थरों के अपनी जगह से निकलने की शिकायत भी सामने आई है। इन घटनाओं के बाद अब फॉल सीलिंग गिरने से स्टेशन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल और गंभीर हो गए हैं। UP News:
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में निर्माण से जुड़ी किसी भी खामी को नजरअंदाज करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि रेलवे प्रशासन इस घटना को लेकर क्या कदम उठाता है। UP News:
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