गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र में तीन दिनों की बारिश और तेज हवाओं से 80 एकड़ केले की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है। विधायक अजय सिंह किसानों के खेतों में पहुंचे और एसडीएम को फसल सर्वे के निर्देश दिए।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के त्यौरासी गांव में करीब 80 एकड़ केले की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है। बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल धराशायी हो गई। केले के अलावा मक्का और धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बादी की सूचना मिलने के बाद करनैलगंज विधायक अजय सिंह किसानों के बीच पहुंचे और खेतों में नुकसान का जायजा लिया। पिछले तीन दिनों से करनैलगंज क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसके साथ चल रही तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी केले की फसल को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। त्यौरासी गांव में बड़ी संख्या में केले के पौधे गिर गए और तैयार फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार, फसल तैयार होने के समय हुए इस नुकसान से उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि केले के साथ-साथ मक्का और धान की फसल भी बारिश और तेज हवाओं की चपेट में आई है।
फसल बर्बादी की जानकारी मिलने पर करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अजय सिंह किसानों के खेतों में पहुंचे। उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेतों में पहुंचकर बारिश तथा तेज हवा से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान किसानों ने विधायक के सामने अपनी परेशानियां रखीं। किसानों ने कहा कि फसल खराब होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और उन्हें सरकारी सहायता की आवश्यकता है। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक अजय सिंह ने तत्काल एसडीएम करनैलगंज को मौके पर बुलाया। उन्होंने क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि नुकसान का आकलन कर नियमानुसार किसानों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और सरकारी नियमों के अनुसार पात्र किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बारिश और तेज हवाओं से फसल बर्बाद होने के बाद अब किसानों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाले सर्वे पर है। किसानों को उम्मीद है कि नुकसान का सही आकलन कर उन्हें समय पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसल के बर्बाद होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से होने वाला फसल सर्वे और उसके बाद मिलने वाली सहायता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। UP News:
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