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उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पश्चिम बंगाल की पुलिस ने मिलकर उत्तर प्रदेश के एक हत्यारे को दबोचा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि पकड़ा गया आरोपी कुख्यात हत्यारा है। उत्तर प्रदेश का यह कुख्यात हत्यारा पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में शामिल था।

UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पश्चिम बंगाल की पुलिस ने मिलकर उत्तर प्रदेश के एक हत्यारे को दबोचा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि पकड़ा गया आरोपी कुख्यात हत्यारा है। उत्तर प्रदेश का यह कुख्यात हत्यारा पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में शामिल था। इससे पहले भी यह कुख्यात हत्यारा एक व्यापारी की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। UP News
उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पश्चिम बंगाल की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन में अयोध्या से राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि राज सिंह उर्फ चंदन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या का मुख्य अभियुक्त है। गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस उसे अपने साथ कोलकाता ले गई है। पकड़ा गया आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है। कुछ समय से वह बिहार के बक्सर में अपना डेरा जमाए हुए था। इस प्रकार पश्चिम बंगाल का चर्चित हत्याकांड पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तथा बिहार तक के साथ जुड़ गया है। UP News
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या के आरोप में पकड़ा गया राजसिंह उर्फ चंदन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आनंद नगर का निवासी है और क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी है। राज सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है; उस पर साल 2020 में एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप है और वह फिलहाल जमानत पर था। उसके सोशल मीडिया पर कई बड़े नेताओं के साथ फोटो भी मौजूद हैं। राज सिंह बलिया के एक भाजपा नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था, जहाँ से लौटते समय उसे अयोध्या में दबोच लिया गया। UP News
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चन्द्रनाथ रथ के हत्याकांड को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम देने के बावजूद आरोपियों ने एक बड़ी चूक कर दी। वारदात के बाद सिल्वर रंग की कार से भाग रहे शूटरों ने बाली टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने के बजाय UPI का इस्तेमाल किया। इसी ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक कर पुलिस कातिलों की दहलीज तक पहुंच गई। टोल प्लाजा पर लगे हाई डेफिनिशन कैमरों ने कार और उसमें बैठे लोगों के चेहरे साफ कर दिए, जिससे जांच एजेंसियों को आरोपियों की पहचान करने में बड़ी मदद मिली। UP News
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