
उत्तर प्रदेश की राजनीति में छात्र आक्रोश और सत्ता की सियासत इस समय आमने-सामने खड़ी है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की श्री रामस्वरूप यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ एलएलबी कोर्स विवाद अब लखनऊ की गलियों से होते हुए सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंच गया है। सुभासपा अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान - ABVP गुंडागर्दी कर रही है और पुलिस ने वैसा ही जवाब दिया ने सूबे की राजनीति में नई आग भड़का दी। नतीजा यह हुआ कि ABVP कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में उनके सरकारी आवास का घेराव किया, पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पथराव तक की नौबत आ गई, जिससे प्रदेश की सियासत में तनाव और बढ़ गया। UP News
मामले में अब सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव और ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर भी कूद पड़े हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निशाने पर लेते हुए कहा— आपने सड़क पर तांडव किया, तो पुलिस ने डंडे से जवाब दिया। कानून हाथ में लेंगे, तो कार्रवाई होना तय है। इसमें पुलिस का क्या दोष? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिससे समाज में अराजकता और नफरत फैलाई जा सके। अरुण ने कहा - ओमप्रकाश राजभर को गाली देना सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे अति पिछड़े वर्ग का अपमान है। मेरे पिता सदन से लेकर सड़क तक वंचितों की आवाज उठा रहे हैं। जो इससे असहमत हैं, वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें, न कि गाली-गलौज और पथराव करें। UP News
ABVP का आंदोलन दरअसल बाराबंकी की श्री रामस्वरूप यूनिवर्सिटी से उपजा। छात्रों का आरोप है कि एलएलबी कोर्स को लेकर यूनिवर्सिटी उन्हें गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि बार काउंसिल से मान्यता न मिलने के बावजूद दाखिले लिए गए, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया। 1 सितंबर को इसी मुद्दे पर छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस-छात्र भिड़ंत में हालात बिगड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें कई छात्र घायल हुए—किसी का हाथ टूटा, किसी का सिर फूटा। मामला इतना गंभीर हुआ कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत सीओ सिटी को सस्पेंड कर दिया और कई पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हालांकि अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कोर्स ‘फर्जी’ नहीं है, बल्कि रिन्यूअल की औपचारिकता पूरी होने में देर हुई है। लेकिन छात्रों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। बता दें कि 2 सितंबर को एबीवीपी कार्यकर्ता विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन कर चुके थे। लेकिन ओमप्रकाश राजभर के सार्वजनिक बयान के बाद विवाद और भड़क गया। बुधवार रात सैकड़ों कार्यकर्ता मंत्री के आवास तक पहुंच गए और वहां माहौल गर्मा दिया। UP News