इटावा के महेवा में रक्षाबंधन से पहले 38 वर्षीय देवेश पाल की मौत हो गई। डेढ़ माह पहले उनके बड़े भाई की भी मौत हुई थी। परिवार में मातम पसरा है।

UP News : रक्षाबंधन से ठीक पहले इटावा के महेवा क्षेत्र के बस्ती महेवा गांव में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। बीमारी से जूझ रहे 38 वर्षीय देवेश पाल की शुक्रवार सुबह सैफई स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। देवेश का शव गांव पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक बात यह है कि देवेश पाल के बड़े भाई प्रवेश पाल की भी करीब डेढ़ माह पहले हृदयाघात से मौत हो गई थी। महज कुछ ही सप्ताह के अंतराल में दो भाइयों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इससे पहले परिवार के मुखिया और दोनों भाइयों के पिता मुखरी पाल का भी कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है।UP News :
देवेश पाल लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और उनका सैफई स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। देवेश की मौत की खबर गांव पहुंचते ही उनके घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिजनों के लिए यह दुख इसलिए भी असहनीय है क्योंकि करीब डेढ़ माह पहले ही देवेश के बड़े भाई प्रवेश पाल का हृदयाघात से निधन हुआ था। लगातार दो भाइयों को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रक्षाबंधन से ठीक पहले हुई देवेश पाल की मौत ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर में बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं, वहां अब शोक का माहौल है। परिवार में अब छोटा भाई बबलू पाल और घर की महिलाएं ही रह गई हैं। एक के बाद एक हुई मौतों ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
देवेश पाल के निधन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग उनके घर पहुंचे। लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ग्राम प्रधान कुमुद सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजीव चौधरी, राजू दुबे समेत कई लोगों ने देवेश पाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। लगातार दो भाइयों की मौत से बस्ती महेवा गांव में भी शोक की लहर है।
देवेश और प्रवेश पाल के पिता मुखरी पाल का भी कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। अब कम समय के भीतर दो भाइयों की मौत ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
रक्षाबंधन जैसे त्योहार से ठीक पहले परिवार में हुई इस दूसरी मौत ने खुशियों को गहरे मातम में बदल दिया। गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। UP News :
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