सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। जानें उनका राजनीतिक जीवन और प्रमुख जिम्मेदारियां।

उत्तर प्रदेश की राजनीति से समाजवादी पार्टी के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। राम गोविंद चौधरी लंबे समय से समाजवादी राजनीति से जुड़े हुए थे। बलिया से आने वाले राम गोविंद चौधरी ने अपनी राजनीतिक पहचान एक वरिष्ठ समाजवादी नेता के रूप में बनाई। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में लंबे समय तक सक्रिय रहे और बाद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। उनके निधन से सपा ने अपने एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता को खो दिया है।
राम गोविंद चौधरी का इलाज लखनऊ के एसजीपीजीआई में चल रहा था। 25 सितंबर की रात इलाज के दौरान उनका निधन हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने रात करीब 10 बजकर 15 मिनट पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना सामने आने के बाद बलिया और लखनऊ समेत समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों में शोक की खबर फैल गई। राम गोविंद चौधरी के निधन की खबर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी साझा की। अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राम गोविंद चौधरी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
राम गोविंद चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा दुख जताया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं की ओर से भी उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त की गईं। राम गोविंद चौधरी के निधन की खबर ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पहचान एक अनुभवी नेता के तौर पर रही है। विधानसभा में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण उनके निधन से सियासी गलियारों में भी शोक का माहौल है।
राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक जीवन कई दशकों तक चला। वह कुल आठ बार विधायक चुने गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की चिलकहर और बांसडीह विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने दोनों विधानसभा क्षेत्रों से कई बार चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।उनकी पहचान बलिया की राजनीति से भी गहराई से जुड़ी रही। लंबे समय तक विधानसभा में रहने के कारण क्षेत्र की राजनीति में उनका प्रभाव रहा। यही वजह है कि उनके निधन की खबर से बलिया में भी उनके समर्थकों और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।
राम गोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी की सरकारों में मंत्री भी रहे। उन्होंने मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री पद संभाला। इसके बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। उनके पास बेसिक शिक्षा, बाल विकास और पुष्टाहार जैसे विभागों की जिम्मेदारी रही।सरकार में मंत्री रहने के साथ-साथ उन्होंने विधानसभा में भी अपनी भूमिका निभाई। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव सपा की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता रहा
राम गोविंद चौधरी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। वर्ष 2017 में वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और 2022 तक इस भूमिका में रहे। इस दौरान वह विधानसभा में विपक्ष की ओर से सपा की प्रमुख आवाजों में शामिल रहे।विधानसभा की राजनीति में उनका लंबा अनुभव उनकी पहचान का अहम हिस्सा रहा। उनके निधन के साथ समाजवादी पार्टी ने एक ऐसे वरिष्ठ नेता को खो दिया है, जिसने कई दशकों तक पार्टी और विधानसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
राम गोविंद चौधरी के निधन से समाजवादी पार्टी में गहरा दुख है। एक लंबे राजनीतिक जीवन के बाद उनके निधन की खबर ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भावुक कर दिया है। बलिया से लेकर लखनऊ तक उनके निधन की चर्चा है और उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े लोगों की ओर से श्रद्धांजलि दी जा रही है। राम गोविंद चौधरी का जाना उनके परिवार के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में संबल मिलने की कामना की है।
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