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Ram Mandir Donation: इससे पहले अयोध्या के वकीलों ने मांग की थी कि चंपत राय और अनिल मिश्रा तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर चले जाएं।

Ram Mandir Donation: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या के वकीलों ने ऐलान किया है वे मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय , सदस्य डॉ अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे। इसके लिए वे 2 जुलाई को राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन जाएंगे।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र का कहना है, "आज हम राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी को लेकर चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन जाएंगे। शिकायत में एक-दो और लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। हमें पता है कि हमें रोका जाएगा, लेकिन हम जाएंगे।"
मिश्र ने कहा, "अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है, तो इसका मतलब होगा कि पुलिस भी इसमें शामिल है। अगर कोई और रास्ता नहीं बचा, तो हम यहां की अदालत में जाएंगे; अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।"
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले अयोध्या के वकीलों ने मांग की थी कि चंपत राय और अनिल मिश्रा तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर चले जाएं। उन्होंने यह निर्णय भी लिया था कि अगर कोई वकील आरोपियों का केस लड़ेगा तो उस पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
बता दें राम जन्म मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मामला उठने के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बैठक 6 जुलाई को होने की संभावना है जिसमें दोनों के इस्तीफे पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की संभावना अधिक है।
क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर चढ़ावे से जु़ड़ा विवाद सात जून को शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दान की राशि के गबन का आरोप लगाया था। उस समय चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि दान प्रबंधन प्रणाली की आंतरिक जांच में ‘‘कोई उल्लेखनीय बात’’ सामने नहीं आई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर के दान संग्रह और गणना से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के व्यापक रूप से उल्लंघन की बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आठों आरोपी- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर में प्राप्त नकद दान और कीमती सामान की गणना की प्रक्रिया से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर है।
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