राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए मंगलवार को अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में 8 उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। इनमें 3 पूर्व IAS अधिकारी, एक पूर्व IPS अधिकारी और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे।

UP News : क्या आप कट्टर हिंदू हैं? क्या जनेऊ पहनते हैं? क्या आप शाकाहारी हैं? भगवान राम में आपकी कितनी आस्था है? अयोध्या के राम मंदिर के CEO पद के लिए मंगलवार (11 अगस्त) को हुए इंटरव्यू में उम्मीदवारों से प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व के साथ-साथ उनकी धार्मिक मान्यताओं, खान-पान और निजी जीवन से जुड़े सवाल भी पूछे गए। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए मंगलवार को अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में 8 उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। इनमें 3 पूर्व IAS अधिकारी, एक पूर्व IPS अधिकारी और 4 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों से राम मंदिर की व्यवस्था, प्रशासनिक चुनौतियों और उनके विजन के साथ-साथ धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत आदतों से जुड़े सवाल भी किए गए। UP News
राम मंदिर CEO पद के लिए करीब 5,200 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। सूत्रों के अनुसार, इन उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता के अलावा सामाजिक एवं धार्मिक जुड़ाव, राम मंदिर के प्रति उनकी सोच और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी कार्ययोजना के बारे में भी सवाल पूछे गए। मंगलवार को शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों में से 8 का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ। इससे पहले सभी 18 उम्मीदवारों का ऑनलाइन इंटरव्यू भी लिया गया था। UP News
इंटरव्यू प्रक्रिया से पहले उम्मीदवारों को 34 बिंदुओं वाला एक गूगल फॉर्म भरना था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत आदतों से जुड़े सवाल भी शामिल थे। उम्मीदवारों से पूछा गया कि क्या वे शिखा रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन करते हैं, शराब का सेवन करते हैं या नहीं और क्या वे खुद को कट्टर हिंदू मानते हैं। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि क्या वे हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुरूप वस्त्र पहनने में सहज महसूस करेंगे। धार्मिक सवालों के अलावा उम्मीदवारों से उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि और अनुभव को लेकर भी सवाल किए गए। मसलन, उन्होंने किन-किन जगहों पर काम किया है, कितनी बड़ी भीड़ या प्रशासनिक व्यवस्था को संभाला है और भगवान राम के प्रति उनकी आस्था क्या है। उम्मीदवारों के परिवार और निजी पृष्ठभूमि से संबंधित सवाल भी पूछे गए। हालांकि इंटरव्यू केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं था। उम्मीदवारों से यह भी जानने की कोशिश की गई कि वे इतने बड़े धार्मिक परिसर और वहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं को किस तरह संचालित करेंगे। उनसे नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, भीड़ प्रबंधन, सामाजिक जुड़ाव, मंदिर की व्यवस्थाओं और भविष्य की चुनौतियों को लेकर उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सवाल किए गए। चयन प्रक्रिया में यह भी देखा जा रहा है कि उम्मीदवार राम मंदिर के संचालन और प्रशासन को लेकर किस तरह की कार्ययोजना और विजन रखते हैं। UP News
राम मंदिर CEO के चयन के लिए गठित समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति को तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर उनके नाम 2 सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपने हैं। इसी दिन ट्रस्ट की कार्यकारी समिति की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद अंतिम तीन उम्मीदवारों में से CEO का चयन ट्रस्ट द्वारा इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। CEO की नियुक्ति का फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल उठे हैं और कथित दान राशि के गबन के आरोपों की जांच चल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन अधिकारियों के पद छोड़ने की भी जानकारी सामने आई है। UP News
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रस्ट ने CEO पद के लिए उम्मीदवारों के सामने धार्मिक और व्यक्तिगत आचरण से जुड़ी कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें हिंदू परंपराओं और दिशा-निर्देशों का पालन करना, पूरी तरह शाकाहारी होना और शराब का सेवन नहीं करना शामिल बताया गया है। इस पद के लिए उम्मीदवारों की आयु सीमा 50 से 70 वर्ष रखी गई है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम उम्मीदवार के नाम पर ट्रस्ट की ओर से फैसला लिया जाएगा। UP News
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