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भगवान प्रभु श्री राम की पावन जन्भूमि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एसआईटी की जांच के बीच यह मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है।

UP News : भगवान प्रभु श्री राम की पावन जन्भूमि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एसआईटी की जांच के बीच यह मामला अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे रामभक्त संतोष दुबे ने कोतवाली नगर में प्रार्थना पत्र देकर दान राशि और आभूषणों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत कर दान पेटियों से निकाली गई राशि तथा सोने-चांदी के आभूषणों में कथित हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया गया है। UP News
शिकायतकर्ता का दावा है कि लेखा-जोखा और वास्तविक संग्रहण में भारी अंतर पाया गया है, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति के गबन की आशंका जताई जा रही है। संतोष दुबे ने पुलिस से न केवल मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है, बल्कि संबंधित व्यक्तियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की भी अपील की है। साथ ही उन्होंने दान राशि, आभूषणों, सिक्कों और अन्य सामग्री के पूर्ण सत्यापन और बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। UP News
इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। इससे पहले उनके एक पोस्टर को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो चुका है। पत्र में मांग की गई है कि यदि प्रारंभिक तथ्यों और साक्ष्यों से किसी संज्ञेय अपराध के संकेत मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही दान राशि से जुड़े सभी रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंक विवरण और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखने की बात कही गई है ताकि जांच प्रभावित न हो। शुक्ला ने अपने पत्र में यह भी आग्रह किया है कि जांच प्रक्रिया किसी भी प्रकार के दबाव या हस्तक्षेप से मुक्त रहनी चाहिए और दोषियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम न्याय और सत्य के प्रतीक हैं, इसलिए इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। UP News
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